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फिल्मी सीन की तरह फरार हो गया तिहरे कांड का आरोपी
ब्यूरो
Updated Wed, 05 Jun 2013 04:36 PM IST
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तिहरे हत्याकांड का आरोपी आईजीएमसी से पुलिस गिरफ्त से फरार हो गया है। आरोपी विशाल उर्फ खड़क बहादुर ने रात करीब डेढ़ बजे शौच का बहाना बनाया और बाथरूम में चला गया।
यहां हथकड़ी उतारी और दरवाजे पर खड़े संतरी को धक्का देकर फरार हो गया। तीन और अन्य पुलिस कर्मचारी भी ड्यूटी पर थे लेकिन वे यहां मौजूद नहीं थे। आरोपी चर्म रोग के चलते 17 मई से आईजीएमसी में उपचाराधीन था।
आरोपी के फरार होने के बाद ड्यूटी में लापरवाही बरते पर पुलिस वालों के खिलाफ थाना सदर में मुकदमा दे दिया गया है। आरोपी के खिलाफ हिरासत से फरार होने के मामले में भी एफआईआर दर्ज कर दी गई है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक दुल्लर ने कहा कि फरार आरोपी की तलाश की जा रही है।
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विशाल पर आरोप है कि टैक्सी चालकों की हत्या कर उनकी गाड़ियों को ले जाता था। यह गिरोह का मुखिया है। धर्मपुर के नजदीक क्यारद रोड पर गाड़ी चोरी के लिए तीन चालकों को मौत के घाट उतारने वाले मुख्य अभियुक्त नेपाली मूल के माओवादी भी हैं।
31 जनवरी को विशाल की पत्नी सुषमा को मोबाइल लोकेशन के जरिये शिमला के रामपुर दलाश से पकड़ने में कामयाबी मिली। टैक्सी चालक को निशाना बनाने वाला गिरोह गाड़ी की नंबर प्लेट बदलने के साथ फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैरियर लांघकर नेपाल पहुंचते थे।
वहां गाड़ी को बेचने के बाद पैसे आपस में बांट लेते थे। मास्टर माइंड ने कबूल किया था कि उनका एक साथी कट्टर माओवादी है। धर्मपुर थाना के तहत 12 मार्च 2010 को लिंक रोड पर सुनसान स्थान पर पुलिया में लाश पड़ी मिली। सात दिन बाद लाश की पहचान अमर सिंह निवासी सैंज जिला शिमला के रूप में हुई।
मृतक घर से 24 फरवरी से लापता था। हत्या में शामिल आरोपी ने धर्मपुर के समीप अमर सिंह की गला घोंटकर हत्या को अंजाम देकर नई अप्लाइड फॉर बोलेरो गाड़ी चोरी कर नेपाल पहुंचे थे, जहां औने पौने भाव में गाड़ी बेच दी।
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यहां हथकड़ी उतारी और दरवाजे पर खड़े संतरी को धक्का देकर फरार हो गया। तीन और अन्य पुलिस कर्मचारी भी ड्यूटी पर थे लेकिन वे यहां मौजूद नहीं थे। आरोपी चर्म रोग के चलते 17 मई से आईजीएमसी में उपचाराधीन था।
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आरोपी के फरार होने के बाद ड्यूटी में लापरवाही बरते पर पुलिस वालों के खिलाफ थाना सदर में मुकदमा दे दिया गया है। आरोपी के खिलाफ हिरासत से फरार होने के मामले में भी एफआईआर दर्ज कर दी गई है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक दुल्लर ने कहा कि फरार आरोपी की तलाश की जा रही है।
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विशाल पर आरोप है कि टैक्सी चालकों की हत्या कर उनकी गाड़ियों को ले जाता था। यह गिरोह का मुखिया है। धर्मपुर के नजदीक क्यारद रोड पर गाड़ी चोरी के लिए तीन चालकों को मौत के घाट उतारने वाले मुख्य अभियुक्त नेपाली मूल के माओवादी भी हैं।
31 जनवरी को विशाल की पत्नी सुषमा को मोबाइल लोकेशन के जरिये शिमला के रामपुर दलाश से पकड़ने में कामयाबी मिली। टैक्सी चालक को निशाना बनाने वाला गिरोह गाड़ी की नंबर प्लेट बदलने के साथ फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैरियर लांघकर नेपाल पहुंचते थे।
वहां गाड़ी को बेचने के बाद पैसे आपस में बांट लेते थे। मास्टर माइंड ने कबूल किया था कि उनका एक साथी कट्टर माओवादी है। धर्मपुर थाना के तहत 12 मार्च 2010 को लिंक रोड पर सुनसान स्थान पर पुलिया में लाश पड़ी मिली। सात दिन बाद लाश की पहचान अमर सिंह निवासी सैंज जिला शिमला के रूप में हुई।
मृतक घर से 24 फरवरी से लापता था। हत्या में शामिल आरोपी ने धर्मपुर के समीप अमर सिंह की गला घोंटकर हत्या को अंजाम देकर नई अप्लाइड फॉर बोलेरो गाड़ी चोरी कर नेपाल पहुंचे थे, जहां औने पौने भाव में गाड़ी बेच दी।