{"_id":"132-55195","slug":"Shimla-55195-132","type":"story","status":"publish","title_hn":"कड़छम-किलबा डिकरू बनेगा वैकल्पिक मार्ग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कड़छम-किलबा डिकरू बनेगा वैकल्पिक मार्ग
Shimla
Updated Wed, 30 Jul 2014 05:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सांगला(किन्नौर)। उरनी के पास लगातार धंस रही जमीन के कारण लोगों की घरों और देश की सीमा को जोड़ने वाली सड़क बचाने के लिए सरकार ने कवायद तेज कर दी है। इसी कड़ी में सोमवार को शिमला से लोक निर्माण विभाग की टीम उरनी पहुंच गई है। टीम में रामपुर और किन्नौर के लोनिवि के अधिकारी भी शामिल थे। वहीं आपात स्थिति में सड़क सेवा पर कोई असर न पड़े, इसके लिए कड़छम-किलबा डिकरू मार्ग को विकल्प बनाने पर भी विचार किया गया। इसका सर्वे शुरू करने के निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। इस टीम में लोनिवि के ईएनसी एनके शर्मा, वरिष्ठ अभियंता एमएस ठाकुर, एसई रामपुर अशोक शर्मा, एक्सईएन भावानगर बीएम ठाकुर और एसडीओ टापरी आरसी कौंडल शामिल थे।
निचार खंड की उरनी ढांक के पास पिछले करीब तीन माह से लगातार भूस्खलन हो रहा है। इससे पूरे गांव को खतरा बना हुआ है। गांव के दीपक नेगी का तीन मंजिला भवन, रामानंद नेगी, भगत सिंह नेगी, सन्नी नेगी और राजेश नेगी के दो-दो मंजिला भवन खतरे की जद में आ चुके हैं। वहीं बेनसी लाल नेगी, भाग सेन नेगी, संतु राम नेगी, रणवीर नेगी, प्रभु नंद नेगी, हिरपाल सिंह नेगी, प्रेम देवी नेगी की दोघरियों को भी खतरा बना हुआ है। वहीं, बाटी सौमंग क्षेत्र के तहत आने वाले करीब 50 लोगों के मकान और बगीचे भी भूस्खलन की जद में आए गए हैं। उरनी गांव के प्रधान सुनील नेगी, उपप्रधान सनम ज्ञाछो नेगी, बीडीसी सदस्य रूप सिंह नेगी, वार्ड सदस्य जगदेव नेगी, देव सरणी नेगी, भागदेवी नेगी, चंद्रा नेगी, निमा जांगमो नेगी, बिमल नेगी, कमल नेगी, चंद्र किशोर नेगी, विजय नेगी सहित कई अन्य लोगों ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से जल्द से जल्द प्रभावित क्षेत्र के लोगों को शिफ्ट करवाने की मांग की।
बाक्स
क्या कहना है प्रशासन का
इस बारे में एसडीएम भावानगर नीलम दुल्टा ने कहा कि प्रशासन ने प्रभावित लोगों को एहतियात के तौर पर उन्हें वहां नहीं रहने के लिए नोटिस दे दिया है। वहीं प्रशासनिक तौर पर उन्हें उरनी के महिला मंडल और युवक मंडल के भवन में प्रावधान कर रखा है। उन्हें पूरी तरह से शिफ्ट करने के लिए जमीन तलाश की जा रही है।
विज्ञापन
मार्ग धंसने से कट जाएगा सीमा क्षेत्र
उरनी चोलिंग सड़क मार्ग के धंसने से भारत तिब्बत सीमा देश और दुनिया से पूर्ण रूप से कट सकता है। क्योंकि उरनी लिंक सड़क मार्ग की दूरी भूस्खलन वाले क्षेत्र से करीब 100 मीटर रह गई है। अगर यह जमीन भी धंस गई तो सीमांत क्षेत्र पूरी तरह से देश और दुनिया से कट जाएगा।
विज्ञापन
निचार खंड की उरनी ढांक के पास पिछले करीब तीन माह से लगातार भूस्खलन हो रहा है। इससे पूरे गांव को खतरा बना हुआ है। गांव के दीपक नेगी का तीन मंजिला भवन, रामानंद नेगी, भगत सिंह नेगी, सन्नी नेगी और राजेश नेगी के दो-दो मंजिला भवन खतरे की जद में आ चुके हैं। वहीं बेनसी लाल नेगी, भाग सेन नेगी, संतु राम नेगी, रणवीर नेगी, प्रभु नंद नेगी, हिरपाल सिंह नेगी, प्रेम देवी नेगी की दोघरियों को भी खतरा बना हुआ है। वहीं, बाटी सौमंग क्षेत्र के तहत आने वाले करीब 50 लोगों के मकान और बगीचे भी भूस्खलन की जद में आए गए हैं। उरनी गांव के प्रधान सुनील नेगी, उपप्रधान सनम ज्ञाछो नेगी, बीडीसी सदस्य रूप सिंह नेगी, वार्ड सदस्य जगदेव नेगी, देव सरणी नेगी, भागदेवी नेगी, चंद्रा नेगी, निमा जांगमो नेगी, बिमल नेगी, कमल नेगी, चंद्र किशोर नेगी, विजय नेगी सहित कई अन्य लोगों ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से जल्द से जल्द प्रभावित क्षेत्र के लोगों को शिफ्ट करवाने की मांग की।
विज्ञापन
बाक्स
क्या कहना है प्रशासन का
इस बारे में एसडीएम भावानगर नीलम दुल्टा ने कहा कि प्रशासन ने प्रभावित लोगों को एहतियात के तौर पर उन्हें वहां नहीं रहने के लिए नोटिस दे दिया है। वहीं प्रशासनिक तौर पर उन्हें उरनी के महिला मंडल और युवक मंडल के भवन में प्रावधान कर रखा है। उन्हें पूरी तरह से शिफ्ट करने के लिए जमीन तलाश की जा रही है।
विज्ञापन
मार्ग धंसने से कट जाएगा सीमा क्षेत्र
उरनी चोलिंग सड़क मार्ग के धंसने से भारत तिब्बत सीमा देश और दुनिया से पूर्ण रूप से कट सकता है। क्योंकि उरनी लिंक सड़क मार्ग की दूरी भूस्खलन वाले क्षेत्र से करीब 100 मीटर रह गई है। अगर यह जमीन भी धंस गई तो सीमांत क्षेत्र पूरी तरह से देश और दुनिया से कट जाएगा।