{"_id":"132-54004","slug":"Shimla-54004-132","type":"story","status":"publish","title_hn":"शोड़ष गणपति मंदिर का कुंभाभिषेक आज ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शोड़ष गणपति मंदिर का कुंभाभिषेक आज
Shimla
Updated Fri, 27 Jun 2014 05:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिमला। राजधानी के संकट मोचन मंदिर परिसर में शोड़ष गणपति मंदिर का आज कुंभाभिषेक होगा। दक्षिण भारत में तमिलनाडु के कांचीपुरम स्थित कांची कामकोटी पीठ के 69वें शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती की उपस्थिति में विशेष अनुष्ठान के बाद कुंभाभिषेक किया जाएगा। कांची कामकोटी पीठ के हिमाचल प्रतिनिधि पंडित सी कीर्तिवासन ने बताया कि 12 साल बाद शोड़ष गणपति मंदिर का कुंभाभिषेक किया जा रहा है। अनुष्ठान के लिए कांची कामकोटी पीठ से 51 पंडित शिमला आ रहे हैं। अनुष्ठान के दौरान 50 कलशों की पूजा होगी। कुंभाभिषेक के लिए मंदिर के शिखर तक अस्थायी सीढि़यां बनाई गई हैं। शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती मंदिर के शिखर पर जलाभिषेक करेंगे।
सुबह 10 बजे शिमला पहुंचेंगे शंकराचार्य
कांची कामकोटी पीठ के 69वें शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती शुक्रवार को निजी फ्लाइट से दोपहर बाद 4.00 बजे शिमला पहुंचेंगे। शिमला पहुंचने के बाद शंकराचार्य टूटु स्थित गौशाला का दौरा करेंगे। इसके बाद शंकराचार्य संकटमोचन में होने वाले धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेंगे।
1997 में बना था शोड़ष गणपति मंदिर
संकटमोचन मंदिर परिसर में 1997 में शोड़ष गणपति मंदिर की स्थापना और प्रतिष्ठा की गई थी। इस मंदिर में गणपति सोलह रूपों में विराजमान हैं। संकट मोचन मंदिर के सामने भव्य गेट का निर्माण किया जा रहा है। गेट में लकड़ी पर नक्काशी की गई है। पटना के कारीगरों ने गेट का निर्माण किया है, जबकि किन्नौर के कारीगर इस पर नक्काशी कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सुबह 10 बजे शिमला पहुंचेंगे शंकराचार्य
कांची कामकोटी पीठ के 69वें शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती शुक्रवार को निजी फ्लाइट से दोपहर बाद 4.00 बजे शिमला पहुंचेंगे। शिमला पहुंचने के बाद शंकराचार्य टूटु स्थित गौशाला का दौरा करेंगे। इसके बाद शंकराचार्य संकटमोचन में होने वाले धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेंगे।
विज्ञापन
1997 में बना था शोड़ष गणपति मंदिर
संकटमोचन मंदिर परिसर में 1997 में शोड़ष गणपति मंदिर की स्थापना और प्रतिष्ठा की गई थी। इस मंदिर में गणपति सोलह रूपों में विराजमान हैं। संकट मोचन मंदिर के सामने भव्य गेट का निर्माण किया जा रहा है। गेट में लकड़ी पर नक्काशी की गई है। पटना के कारीगरों ने गेट का निर्माण किया है, जबकि किन्नौर के कारीगर इस पर नक्काशी कर रहे हैं।
विज्ञापन