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ब्लॉक कमेटियां भंग करना सही फैसला नहीं : वीरभद्र

Tue, 24 Jun 2014 05:33 AM IST
Shimla
Shimla Updated Tue, 24 Jun 2014 05:33 AM IST
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शिमला। लोकसभा चुनाव में हार की समीक्षा के बाद प्रदेश कांग्रेस की ब्लॉक कमेटियों को भंग करने पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने आपत्ति जाहिर की है। कांग्र्रेस की पूर्व प्रदेशाध्यक्ष विप्लव ठाकुर के बाद अब मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सोमवार को पार्टी अध्यक्ष के कमरे में पत्रकारों से बातचीत में सुक्खू की इस कार्रवाई पर उंगली उठाई है। वीरभद्र अपने जन्मदिवस पर यहां इंटक के कार्यक्रम में भाग लेने गए थे। उन्होंने इस एक्शन को जल्दबाजी में लिया करार दिया।
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि ब्लॉक कमेटियों को पांच हजार वोटों से हारने पर भंग करने का फार्मूला सही नहीं है। उन्हें तो भंग ब्लॉक कार्यकारिणियों की लिस्ट दी गई है। नहीं जानते यह सब कैसे किया गया। इसका तुलनात्मक अध्ययन वह अब करेंगे। वीरभद्र बोले कि वह किसी की निंदा नहीं कर रहे हैं। पर इतना जरूर बताते हैं कि कई भंग ब्लॉक ऐसे हैं, जिनमें पहले कांग्रेस की स्थिति बहुत खराब थी। भले ही वहां कांग्रेस पांच हजार वोटों से डाउन है, लेकिन ऐसे ब्लॉकों में पहले से काफी सुधार हुआ है। वीरभद्र ने कहा कि लोकसभा चुनावों में हार की सही समीक्षा होनी चाहिए थी।
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बॉक्स 1.
विप्लव मेरी दोस्त, वो सब जानती हैं : वीरभद्र
ब्लॉक कमेटियां भंग करने के खिलाफ और स्वयं मुख्यमंत्री, मंत्रियों पर निशाना साधते विप्लव ठाकुर के बयान पर वीरभद्र सिंह ने कहा, वह मेरी दोस्त हैं। सब जानती हैं। वह बहुत लोकप्रिय नेता हैं। अभी राज्यसभा सांसद हैं। पर कमरे के भीतर बड़ी-बड़ी बातें करने से जंग नहीं लड़ी जाती। इसके लिए मैदान में उतरना होता है।
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बॉक्स 2.
कई कड़वे सच उगलेगी मेरी आत्मकथा : सीएम
वीरभद्र सिंह बोले, मेरी आत्मकथा कई कड़वे सच उगलेगी। यह तैयार है। पर यह मेरे नहीं रहने के बाद ही छपकर आएगी। इससे पहले नहीं, क्योंकि इससे कई लोगों को तकलीफ होगी।

बॉक्स 3.
राजनेता न होता, तो ‘रीयल प्रोफेसर’ बनता
वीरभद्र बोले, अगर मैं राजनेता नहीं होता तो प्रोफेसर बनता। वह भी ‘रीयल प्रोफेसर’। मैं राजनीति मेें आ गया और यह हो नहीं पाया। अब तक के राजनीतिक जीवन का पता ही नहीं चला कि कैसे इतना समय बीत गया। हमेशा जनता की सेवा को ही समर्पित रहा।
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