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3243 पंचायतों में भर्ती होंगे डाटा एंट्री ऑपरेटर
Shimla
Updated Sat, 21 Jun 2014 05:35 AM IST
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शिमला। हिमाचल की 3243 पंचायतों में डाटा एंट्री ऑपरेटरों की शीघ्र भर्ती होगी। लगभग 300 पंचायतों को नए भवन दिए जाएंगे। ये मनरेगा में बनेंगे। मनरेगा से ही राजीव गांधी सेवा केंद्रों को भी खोलेंगे। 1943 पंचायतों को भी लैपटॉप जल्द देंगे। यह जानकारी ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री अनिल शर्मा ने दी। उन्होंने कहा कि मनरेगा में प्रदेश का प्रदर्शन बेहतरीन आंका गया है। वित्त वर्ष 2013-14 में प्रदेश ने निर्धारित लक्ष्य सेे भी अधिक बजट खर्च किया। लक्ष्य 273.199 करोड़ का था, जबकि अचीवमेंट 282.21 करोड़ की रही है।
अनिल शर्मा ने शुक्रवार को शिमला सचिवालय में पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि मंत्री बनने के बाद उनकी यह पहली कांफ्रेंस है। वे पिछले साल दो मार्च को कैबिनेट में शामिल हुए। कहा कि डाटा एंट्री ऑपरेटरों को तीन साल के लिए नियुक्त किया जाएगा। ये आउटसोर्सिंग से तैनात होंगे। इनकी नियुक्ति इसलिए जरूरी है कि अब मनरेगा का सारा लेखा-जोखा ऑनलाइन होगा। उन्होंने दावा किया कि एक साल के भीतर उन्होंने कई योजनाओं पर फोकस किया। इनमें मनरेगा प्रमुख है। वर्ष 2013-14 में 11 लाख 75 हजार 371 जॉब कार्ड मनरेगा कामगारों के पास मौजूद रहे। इनमें से 5 लाख 39 हजार परिवारों को रोजगार मिला है। निर्धारित लक्ष्य से अधिक मनरेगा में कार्य हुए हैं। इस बीच 55 हजार 341 परिवारों ने मनरेगा में कार्यों के 100 दिन पूरे किए हैं।
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मनरेगा में खर्च का अनुपात बदला
अनिल शर्मा ने कहा कि मनरेगा में खर्च का अनुपात बदल दिया गया है। अब लेबर और मैटेरियल कंपोनेंट में क्रमश: 70:30 के अनुपात से बजट व्यय होगा। पहले यह 60:40 होता था। कहा कि प्रशासनिक लागत को भी प्रदेश ने घटाया है, जहां यह 6 प्रतिशत तक वहन की जा सकती है। इसे वर्ष 2013-14 में घटाकर 4.68 प्रतिशत रखा है।
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अनिल शर्मा ने शुक्रवार को शिमला सचिवालय में पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि मंत्री बनने के बाद उनकी यह पहली कांफ्रेंस है। वे पिछले साल दो मार्च को कैबिनेट में शामिल हुए। कहा कि डाटा एंट्री ऑपरेटरों को तीन साल के लिए नियुक्त किया जाएगा। ये आउटसोर्सिंग से तैनात होंगे। इनकी नियुक्ति इसलिए जरूरी है कि अब मनरेगा का सारा लेखा-जोखा ऑनलाइन होगा। उन्होंने दावा किया कि एक साल के भीतर उन्होंने कई योजनाओं पर फोकस किया। इनमें मनरेगा प्रमुख है। वर्ष 2013-14 में 11 लाख 75 हजार 371 जॉब कार्ड मनरेगा कामगारों के पास मौजूद रहे। इनमें से 5 लाख 39 हजार परिवारों को रोजगार मिला है। निर्धारित लक्ष्य से अधिक मनरेगा में कार्य हुए हैं। इस बीच 55 हजार 341 परिवारों ने मनरेगा में कार्यों के 100 दिन पूरे किए हैं।
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मनरेगा में खर्च का अनुपात बदला
अनिल शर्मा ने कहा कि मनरेगा में खर्च का अनुपात बदल दिया गया है। अब लेबर और मैटेरियल कंपोनेंट में क्रमश: 70:30 के अनुपात से बजट व्यय होगा। पहले यह 60:40 होता था। कहा कि प्रशासनिक लागत को भी प्रदेश ने घटाया है, जहां यह 6 प्रतिशत तक वहन की जा सकती है। इसे वर्ष 2013-14 में घटाकर 4.68 प्रतिशत रखा है।
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