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राज्यपालों को हटाना पॉलीटिकल दादागिरी
Shimla
Updated Thu, 19 Jun 2014 05:32 AM IST
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शिमला। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने यूपीए सरकार के समय नियुक्त राज्यपालों को हटाने के फैसले को अलोकतांत्रिक बताया है। राजभवन में मीडिया से बातचीत में वीरभद्र सिंह ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार का ये फैसला सही नहीं है। राज्यपाल संवैधानिक पदों पर हैं। इन्हें एक तय अवधि के लिए नियुक्त किया जाता है। केंद्र में सरकार बदलने के बाद इन्हें हटाना एक तरह से पॉलीटिकल दादागिरी है। राजभवन में मुख्य न्यायाधीश की शपथ के बाद मीडिया ने राज्यपाल उर्मिला सिंह से भी बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने बात करने से इनकार कर दिया। शायद ये समझते हुए कि राज्यपालों को लेकर ही सवाल उठेंगे। इसके बाद धामी बस हादसे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह सुबह ही आईजीएमसी में घायलों से मिलकर आए हैं। जैसा लोग बता रहे हैं, उससे लगता है कि ये हादसा अजीब तरह से हुआ है। उन्होंने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। सच्चाई सामने आ जाएगी।
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