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अवैध खनन को बनीं सड़कें तोड़ने के आदेश

Fri, 13 Jun 2014 05:32 AM IST
Shimla
Shimla Updated Fri, 13 Jun 2014 05:32 AM IST
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शिमला। हिमाचल सरकार ने नदियों के किनारे अवैध खनन के लिए बनी सड़कें तोड़ने के आदेश डीसी मंडी और कुल्लू को दिए हैं। लारजी हादसे के बाद ये कदम उठाया गया है। इस हादसे में भी थलौट में नदी किनारे को बनी कच्ची सड़क से ही हैदराबाद के छात्रों का दल ब्यास नदी में फोटो खींचने के लिए गया था।
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि ऐसी सड़कों को तोड़ने के बाद वन विभाग वहां बाड़बंदी (फेंसिंग) करेगा, ताकि ऐसा हादसा दोबारा न हो। मुख्यमंत्री सचिवालय में मीडिया से बात कर रहे थे। बिजली न बिकने के कारण हिमाचल को विद्युत प्रोजेक्ट पीक सीजन में बंद करने पड़ रहे हैं और फिर हादसे हो रहे हैं। इस स्थिति से कैसे निपटेंगे? इस सवाल के जवाब में वीरभद्र सिंह ने कहा कि हम औने-पौने दाम पर जबरदस्ती खदीदार तैयार कर बिजली नहीं बेच सकते। ऐसे खरीदार बिजली के बदले पैसे समय पर नहीं चुकाते। ऐसे में राज्य अपने यहां ही बिजली की औद्योगिक खपत बढ़ाएगा। राज्य में इससे पहले नेगेटिव लिस्ट के उद्योगों को मंजूरी नहीं दी जाती थी, जो बिजली की खपत ज्यादा करते थे, लेकिन अब सभी प्रकार के उद्योगों के लिए हिमाचल को खोलने पर विचार किया जा सकता है।
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उन्होंने कहा कि डैम प्रोजैक्टों को पानी छोड़ने से पहले सभी एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें दूर तक हूटर बजाना एवं वाहन से पूर्व सूचना देना शामिल है। कुल्लू और मंडी के उपायुक्त नदी के साथ अनाधिकृत पर्यटन एवं व्यावसायिक गतिविधियां चलाने वालों को हटा रहे हैं। दुर्घटना स्थल थलौट के पास नदी के लिए जाने वाले रास्ते को भी बंद कर यहां पौधरोपण किया जाएगा। उधर, डीसी मंडी देवेश कुमार ने कहा कि फेंसिंग का काम शुरू हो गया है। एक सप्ताह में ऐसी सभी सड़कों और रास्तों को बंद कर दिया जाएगा। जिला खनन अधिकारी से ब्यास के आसपास लगे क्रशरों की रिपोर्ट भी तलब की है।
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इनसेट
मामले को तूल देने से पर्यटन को नुकसान
वीरभद्र सिंह ने कहा कि लारजी हादसा दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। स्थानीय लोगों ने छात्रों को ब्यास नदी के पास न जाने की हिदायत दी थी, लेकिन वे समझ नहीं पाए और नदी के बीचोंबीच पहुंचने की चूक कर बैठे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मीडिया इस हादसे को ज्यादा तूल दे रहा है। इससे राज्य के पर्यटन को नुकसान हो रहा है। हिमाचल सरकार ने हादसे के बाद सभी कदम उठाए हैं और दोबारा ऐसा न हो, इसके लिए भी सभी पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।
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