फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   सीएम को बताया, क्यों मांगा बूथों का रिकार्ड ः सुक्खू

सीएम को बताया, क्यों मांगा बूथों का रिकार्ड ः सुक्खू

Sun, 25 May 2014 05:34 AM IST
Shimla
Shimla Updated Sun, 25 May 2014 05:34 AM IST
विज्ञापन
शिमला। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को स्पष्ट किया कि उन्होंने क्यों बूथों का रिकार्ड मांगा है। सुक्खू ने यह बात मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से लंबी चर्चा के दौरान सचिवालय में स्पष्ट की। उन्होंने कैबिनेट बैठक से पहले मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के साथ भी लंबी चर्चा की।
विज्ञापन

वीरभद्र सिंह की ओर से कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष पद की नियुक्ति को चुनाव से करने के बयान के दूसरे दिन सुक्खू शनिवार को लगभग साढे़ 10 बजे ही उनसे मिलने सचिवालय पहुंच गए। सुक्खू ने इस भेंट के बाद बताया कि उन्होंने वीरभद्र सिंह को स्पष्ट किया है कि भले ही चुनाव आयोग की वेबसाइट पर बूथवार मतों का ब्योरा उपलब्ध है। इसके बावजूद यह जानना मुश्किल है कि कौन सा बूथ किस प्रमुख नेता का है। इसी वजह से जिला अध्यक्षों से सभी गणमान्य और जिम्मेवार नेताओं का बूथ स्तर पर पड़े मतों का ब्योरा मांगा गया है। सुक्खू ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री से कई अन्य बिंदुओं पर भी बातचीत की है। पार्टी अध्यक्ष की नियुक्ति चुनाव करवाकर करने के वीरभद्र सिंह के बयान पर सुक्खू बोले कि जिस तरह से सीएलपी लीडर की नियुक्ति विधायकों की सहमति के बाद होती है। ठीक उसी तरह से पार्टी अध्यक्ष की नियुक्ति भी कांग्रेस आलाकमान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के 80 डेलीगेट की सहमति से करता है। मतपेटी में वोट डालकर चुनाव तो केवल एक बार वर्ष 1991 में ही हुए हैं। बाकी डा. वाईएस परमार के अध्यक्ष बनने के बाद से अन्य अध्यक्षों की नियुक्ति का हिमाचल में एक ही जैसा पैट्रन रहा है।
विज्ञापन

बॉक्स
हार के लिए संगठन-सरकार दोनों जिम्मेदार
शिमला। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल में कांग्रेस पार्टी की हार के लिए संगठन और सरकार दोनों को ही जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि यह सबकी सामूहिक हार है। अभी जिला अध्यक्षों और प्रदेश महासचिवों की बैठकें हुई हैं। इसके बाद ब्लॉक पर्यवेक्षकों की बैठक होनी है। एक प्रदेश कांग्रेस कमेटी का जनरल हाउस भी होगा, जिसमें मुख्यमंत्री भी बुलाए जाएंगे। उसके बाद ही हार की रिपोर्ट 15 दिन के भीतर हाईकमान को सौंपी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed