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कूष्मांडा मां से मांगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद
Shimla
Updated Fri, 04 Apr 2014 05:30 AM IST
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शिमला। चौथे नवरात्र को राजधानी के देवी मंदिरों में मां भगवती के कू ष्मांडा रूप की पूजा-अर्चना की गई। मां के दर्शन के लिए देवी मंदिरों में भक्तों की खासी भीड़ उमड़ी। तारादेवी, कालीबाड़ी, ढींगू मंदिर और कामना देवी में माता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। एचआरटीसी की तारादेवी मंदिर के लिए बसें ओल्ड बस स्टैंड से खचाखच भरकर रवाना हुईं। कामना देवी, महाकाली मंदिर तारादेवी, पधाई माता मंदिर में राम चरित मानस और दुर्गा सप्तशती चंडी पाठ किया गया। कालीबाड़ी मंदिर के पुजारी देवाशीष मुखर्जी ने बताया कि भगवती के सभी रूप वास्तव में एक ही हैं। जब शिव ने सती को प्रजापति दक्ष के यज्ञ में जाने से मना कर दिया था, तब मां ने अलग-अलग भावों के दर्शन करवाए थे। तभी से मांके नौ रूपों की पूूजा होती है। उन्होंने बताया कि सच्चे मन से पूजा-अर्चना करने पर मां प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों के सारे दुख हर लेती है। नवरात्र के चौथे दिन ढींगू माता मंदिर संजौली और तारा माता मंदिर में भंडारे का आयोजन किया गया।
कोटी के राजा की कुल देवी हैं ढींगू माता
ढींगू माता कोटी के राजा की कुल देवी हैं। मंदिर के पुुजारी पीतांबर शर्मा के अनुसार सालों पहले मां को संजौली की ढींगूधार पर स्थापित किया गया था। तब से आज तक राज परिवार के लोग मां का पूजा पाठ करने के लिए नियमित अंतराल पर मंदिर आते हैं। हर रविवार को ढींगू माता मंदिर में भंडारा लगता है। नवरात्र के दौरान यहां हर रोज भंडारा लगाया जा रहा है। अष्टमी को मंदिर में हवन होगा और नवमी को भंडारा लगाया जाएगा।
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कोटी के राजा की कुल देवी हैं ढींगू माता
ढींगू माता कोटी के राजा की कुल देवी हैं। मंदिर के पुुजारी पीतांबर शर्मा के अनुसार सालों पहले मां को संजौली की ढींगूधार पर स्थापित किया गया था। तब से आज तक राज परिवार के लोग मां का पूजा पाठ करने के लिए नियमित अंतराल पर मंदिर आते हैं। हर रविवार को ढींगू माता मंदिर में भंडारा लगता है। नवरात्र के दौरान यहां हर रोज भंडारा लगाया जा रहा है। अष्टमी को मंदिर में हवन होगा और नवमी को भंडारा लगाया जाएगा।
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