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लोकायुक्त पर सुझाव मांगेगी प्रवर समिति
Shimla
Updated Tue, 25 Mar 2014 05:33 AM IST
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शिमला। विधानसभा की प्रवर समिति लोकायुक्त विधेयक पर बुद्धिजीवियों, कानूनविदों, गैर सरकारी संस्थाओं और पंचायतीराज प्रतिनिधियों से सुझाव मांगेगी। हिमाचल विधानसभा की वेबसाइट के माध्यम से भी सुझाव दिए जा सकेंगे। सोमवार को समिति की बैठक अध्यक्ष एवं राजस्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में हुई। इसमें अन्य सदस्यों विधायक गुलाब सिंह ठाकुर, कुलदीप कुमार, अजय महाजन और विजय अग्निहोत्री ने भाग लिया। कार्यवाहक मुख्य सचिव पी. मित्रा, प्रधान सचिव विधि चिराग भानू सिंह और विधानसभा सचिव एसएस वर्मा भी बैठक में उपस्थित थे।
भाजपा विधायकों के सुझाव के बाद ये तय हुआ कि 2012 में धूमल सरकार की ओर से पारित कर राष्ट्रपति की मंजूरी को भेजे गए लोकायुक्त के प्रावधानों पर भी नया कानून बनाती बार गौर किया जाए। संसद द्वारा पारित लोकपाल कानून के अलावा उत्तराखंड, कर्नाटक और मध्यप्रदेश के लोकायुक्त के प्रावधानों पर भी प्रवर समिति चर्चा करेगी। समिति के अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि अगली बैठक से पहले ये सभी विधेयक समिति के सदस्यों को अध्ययन के लिए उपलब्ध करवा दिए जाएं, ताकि इन पर फिर चर्चा हो सके। गौरतलब है कि फरवरी 2014 में हुई विधानसभा के बजट सत्र में वीरभद्र सिंह सरकार ने लोकायुक्त कानून को और ताकतवर बनाने के लिए विधेयक लाया था, लेकिन विपक्ष की गैर मौजूदगी में इसे पारित करने के बजाय प्रवर समिति को भेज दिया गया था।
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भाजपा विधायकों के सुझाव के बाद ये तय हुआ कि 2012 में धूमल सरकार की ओर से पारित कर राष्ट्रपति की मंजूरी को भेजे गए लोकायुक्त के प्रावधानों पर भी नया कानून बनाती बार गौर किया जाए। संसद द्वारा पारित लोकपाल कानून के अलावा उत्तराखंड, कर्नाटक और मध्यप्रदेश के लोकायुक्त के प्रावधानों पर भी प्रवर समिति चर्चा करेगी। समिति के अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि अगली बैठक से पहले ये सभी विधेयक समिति के सदस्यों को अध्ययन के लिए उपलब्ध करवा दिए जाएं, ताकि इन पर फिर चर्चा हो सके। गौरतलब है कि फरवरी 2014 में हुई विधानसभा के बजट सत्र में वीरभद्र सिंह सरकार ने लोकायुक्त कानून को और ताकतवर बनाने के लिए विधेयक लाया था, लेकिन विपक्ष की गैर मौजूदगी में इसे पारित करने के बजाय प्रवर समिति को भेज दिया गया था।
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