{"_id":"132-32401","slug":"Shimla-32401-132","type":"story","status":"publish","title_hn":"200 रुपये बढ़ी परीक्षा फीस, आज आंदोलन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
200 रुपये बढ़ी परीक्षा फीस, आज आंदोलन
Shimla
Updated Fri, 23 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
शिमला। प्राइवेट यूजी छात्रों की परीक्षा फीस में तीन गुना तक बढ़ोतरी करने पर एसएफआई शुक्रवार को प्रदेश विवि के खिलाफ आंदोलन छेड़ेगी। वीरवार को एसएफआई की आपात बैठक में फैसला लिया गया कि शुक्रवार को जिला भर के हर कालेज में कार्यकर्ता जोरदार प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद भी अगर विवि ने बढ़ी फीस को वापस न लिया तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा। दलील दी गई कि पहले जो परीक्षा फार्म महज 5 रुपये और फीस 80 रुपये होती थी, उसे अब तीन गुना तक बढ़ा दिया गया है। डाकघर में मिलने वाले फार्म की कीमत 10 रुपये हो गई जबकि फीस 270 रुपये।
एसएफआई की जिला इकाई अध्यक्ष प्रेम कायथ और सचिव चंद्रकांत वर्मा ने बताया कि विवि ने एकमुश्त प्राइवेट यूजी छात्रों की परीक्षा फीस बढ़ा दी है। जिला इकाई की वीरवार को हुई आपात बैठक में निर्णय लिया गया कि छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाले फैसले के खिलाफ एसएफआई आंदोलन करेगी। शुक्रवार को जिले भर के सभी कालेजों के साथ ही संस्कृत कालेज में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। विवि अब शिक्षा के केंद्र न रहकर शिक्षा की दुकान बन गई है। उन्होंने कहा कि निजी संस्थानों में भी फीस के नाम पर की जा रही लूट का एसएफआई पुरजोर विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि यदि फीस बढ़ोतरी को वापस न लिया गया तो एसएफआई आंदोलन को और उग्र करेगी। बैठक में जिला कार्यकारिणी पदाधिकारी दिनेश मेहता, बाबू राम, गिरीश, विनीत प्रियंका पिस्टा और मोनिका नेगी आदि ने भाग लिया।
विज्ञापन
एसएफआई की जिला इकाई अध्यक्ष प्रेम कायथ और सचिव चंद्रकांत वर्मा ने बताया कि विवि ने एकमुश्त प्राइवेट यूजी छात्रों की परीक्षा फीस बढ़ा दी है। जिला इकाई की वीरवार को हुई आपात बैठक में निर्णय लिया गया कि छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाले फैसले के खिलाफ एसएफआई आंदोलन करेगी। शुक्रवार को जिले भर के सभी कालेजों के साथ ही संस्कृत कालेज में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। विवि अब शिक्षा के केंद्र न रहकर शिक्षा की दुकान बन गई है। उन्होंने कहा कि निजी संस्थानों में भी फीस के नाम पर की जा रही लूट का एसएफआई पुरजोर विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि यदि फीस बढ़ोतरी को वापस न लिया गया तो एसएफआई आंदोलन को और उग्र करेगी। बैठक में जिला कार्यकारिणी पदाधिकारी दिनेश मेहता, बाबू राम, गिरीश, विनीत प्रियंका पिस्टा और मोनिका नेगी आदि ने भाग लिया।
विज्ञापन