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हार-जीत से ओहदे पर नहीं पड़ेगा फर्क : बाजवा
ब्यूरो/अमर उजाला, पठानकोट
Updated Wed, 14 May 2014 06:15 PM IST
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लोकसभा चुनाव के नतीजे चाहे जो भी हों, लेकिन पंजाब कांग्रेस प्रधान और गुरदासपुर सीट से कांग्रेस उम्मीदवार प्रताप सिंह बाजवा का मानना है कि हार-जीत से उनके ओहदे पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। हालांकि वे यह मानते हैं कि गुरदासपुर सीट से उनकी जीत पक्की है।
उन्होंने कहा कि चुनाव के परिणाम अब चंद दिनों में ही सबसे सामने होंगे। हर किसी में परिणाम जानने के लिए उत्सुकता देखी जा रही है। इस बार के नतीजे पंजाब की राजनीति पर काफी असर छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी पंजाब के लिए इस चुनाव को बेहद महत्वपूर्ण मान कर चल रही है, क्योंकि इस बार के नतीजे ही प्रदेश में पार्टी का भविष्य तय करेंगे।
उन्होंने माना कि गुरदासपुर की जनता का विश्वास जीतने के लिए चुनाव से पूर्व उन्होंने रैलियों और नुक्कड़ सभाओं के माध्यम से काफी प्रयास किया। यदि जनता ने उन पर विश्वास जताया तो वे भविष्य में खुद को पार्टी की ओर से प्रदेश के मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी दावेदारी पेश कर सकते हैं। यदि वे इस बार जीत दर्ज करते हैं तो राजनीतिक तौर पर उन्हें इसका फायदा जरूर मिलेगा।
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यह भी कहा कि इस बार यदि उन्हें हार का भी मुंह देखना पड़ा तब भी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद की कुर्सी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। दूसरी ओर यदि पंजाब में कांग्रेस को अधिक सीटें मिलती हैं, तो इसका पूरा फायदा प्रताप सिंह बाजवा को आने वाले समय में मिलेगा।
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उन्होंने कहा कि चुनाव के परिणाम अब चंद दिनों में ही सबसे सामने होंगे। हर किसी में परिणाम जानने के लिए उत्सुकता देखी जा रही है। इस बार के नतीजे पंजाब की राजनीति पर काफी असर छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी पंजाब के लिए इस चुनाव को बेहद महत्वपूर्ण मान कर चल रही है, क्योंकि इस बार के नतीजे ही प्रदेश में पार्टी का भविष्य तय करेंगे।
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उन्होंने माना कि गुरदासपुर की जनता का विश्वास जीतने के लिए चुनाव से पूर्व उन्होंने रैलियों और नुक्कड़ सभाओं के माध्यम से काफी प्रयास किया। यदि जनता ने उन पर विश्वास जताया तो वे भविष्य में खुद को पार्टी की ओर से प्रदेश के मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी दावेदारी पेश कर सकते हैं। यदि वे इस बार जीत दर्ज करते हैं तो राजनीतिक तौर पर उन्हें इसका फायदा जरूर मिलेगा।
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यह भी कहा कि इस बार यदि उन्हें हार का भी मुंह देखना पड़ा तब भी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद की कुर्सी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। दूसरी ओर यदि पंजाब में कांग्रेस को अधिक सीटें मिलती हैं, तो इसका पूरा फायदा प्रताप सिंह बाजवा को आने वाले समय में मिलेगा।