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दो हत्यारों को उम्रकैद
पठानकोट।
Updated Sat, 26 Apr 2014 10:40 PM IST
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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मोहम्मद गुलजार की अदालत ने एक बुजुर्ग महिला की हत्या के मामले में दो अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही उन पर 40-40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
गांव कानवां में बुजुर्ग महिला रत्नो देवी पत्नी बलवंत सिंह के दो बेटों में से एक अर्जुन सिंह शाहपुरकंडी स्थित रणजीत सागर बांध परियोजना पर तैनात है। जबकि एक बेटा निर्मल सिंह गांव में ही अलग मकान बनाकर रहता था। रत्नो देवी पैतृक मकान में अकेली रहती थी।
11 अक्टूबर 2012 की रात को लुटेरे ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। साथ ही उन्होंने मृतका के कान की बालियां और दो गैस सिलेंडर लेकर फरार हो गए थे। बाद में पुलिस ने खुलासा किया था कि रत्नो देवी की हत्या उसके पड़ोसी नीरज सिंह ने अपने दोस्त गांव नाजोवाल निवासी संपूर्ण सिंह उर्फ सुन्ना के साथ मिलकर की थी। मृतका के पति फौज से सेवानिवृत्त थे।
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पैसों के लालच में नीरज सिंह ने दोस्त के साथ लूट की योजना बनाई। दोनों 11 अक्टूबर की रात को घर में दाखिल हुए। इस बीच जागने पर रत्नो देवी ने नीरज को पहचान लिया। बचने के लिए उसने गला दबाकर रत्नों की हत्या कर डाली। मामले पर सुनवाई करते हुए जिला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मोहम्मद गुलजार की अदालत ने नीरज सिंह और संपूर्ण सिंह को उम्रकैद और 40-40 हजार जुर्माने की सजा का फैसला सुनाया है।
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गांव कानवां में बुजुर्ग महिला रत्नो देवी पत्नी बलवंत सिंह के दो बेटों में से एक अर्जुन सिंह शाहपुरकंडी स्थित रणजीत सागर बांध परियोजना पर तैनात है। जबकि एक बेटा निर्मल सिंह गांव में ही अलग मकान बनाकर रहता था। रत्नो देवी पैतृक मकान में अकेली रहती थी।
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11 अक्टूबर 2012 की रात को लुटेरे ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। साथ ही उन्होंने मृतका के कान की बालियां और दो गैस सिलेंडर लेकर फरार हो गए थे। बाद में पुलिस ने खुलासा किया था कि रत्नो देवी की हत्या उसके पड़ोसी नीरज सिंह ने अपने दोस्त गांव नाजोवाल निवासी संपूर्ण सिंह उर्फ सुन्ना के साथ मिलकर की थी। मृतका के पति फौज से सेवानिवृत्त थे।
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पैसों के लालच में नीरज सिंह ने दोस्त के साथ लूट की योजना बनाई। दोनों 11 अक्टूबर की रात को घर में दाखिल हुए। इस बीच जागने पर रत्नो देवी ने नीरज को पहचान लिया। बचने के लिए उसने गला दबाकर रत्नों की हत्या कर डाली। मामले पर सुनवाई करते हुए जिला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मोहम्मद गुलजार की अदालत ने नीरज सिंह और संपूर्ण सिंह को उम्रकैद और 40-40 हजार जुर्माने की सजा का फैसला सुनाया है।