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बासमती को कीड़ों से बचाएं
गुरदासपुर
Updated Wed, 18 Sep 2013 11:05 PM IST
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मुख्य खेतीबाड़ी अधिकारी डॉ. रविकुमार सभ्रवाल ने ब्लॉक धारीवाल के गांव सहारी में किसानों से कहा कि बासमती को कीड़ों और अन्य बीमारियों से बचाने के लिए हमेशा रहें।
सभ्रवाल तीन दिन पहले चली आंधी से फसलों को हुए नुकसान का जायजा लेने गांव में पहुंचे थे।
उन्होंने गांव सहारी में बासमती की फसल का जायजा लिया और किसानों को फसलों को बचाने के लिए टिप्स दिए। इस मौके पर उनके साथ खेतीबाड़ी विकास अफसर (सिखलाई) डॉ. अमरीक सिंह, डॉ. नरिंदर कौर, पलविंदर सिंह सहारी, मक्खन सिंह, मेंबर जिला खेतीबाड़ी उत्पादन कमेटी रतन सिंह भोजराज समेत अन्य किसान मौजूद रहे।
डॉ. रवि सभ्रवाल ने कहा कि तेज हवाओें के कारण पहले बोई गई किस्में जैसे शरबती और देवगौड़ा खेतों में बिछ गई हैं जिससे दोनों पर बुरा प्रभाव पड़ने की संभावना है। उन्होंने कहा कि धान की फसल के अलावा गन्ने और मक्की की फसल को भी नुकसान पहुंचा है।
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उन्होंने कहा कि किसान बासमती की फसल में बड़ी मात्रा में कीटनाशकों का उपयोग कर रहे हैं जो गलत है। बासमती की फसल में बहुत से मित्र कीड़े भी होते हैं जो दुश्मन कीड़ों को खाकर गुजारा करते हैं।
उन्होंने किसानों से अपील की कि बासमती और धान की फसल के ऊपर किसी किस्म की समस्या आने पर खेती माहिरों की सलाह लेकर ही दवा छिड़कें। डाक्टर अमरीक सिंह ने कहा कि किसानों को बासमती और धान का बीज खुद तैयार करना चाहिए।
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सभ्रवाल तीन दिन पहले चली आंधी से फसलों को हुए नुकसान का जायजा लेने गांव में पहुंचे थे।
उन्होंने गांव सहारी में बासमती की फसल का जायजा लिया और किसानों को फसलों को बचाने के लिए टिप्स दिए। इस मौके पर उनके साथ खेतीबाड़ी विकास अफसर (सिखलाई) डॉ. अमरीक सिंह, डॉ. नरिंदर कौर, पलविंदर सिंह सहारी, मक्खन सिंह, मेंबर जिला खेतीबाड़ी उत्पादन कमेटी रतन सिंह भोजराज समेत अन्य किसान मौजूद रहे।
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डॉ. रवि सभ्रवाल ने कहा कि तेज हवाओें के कारण पहले बोई गई किस्में जैसे शरबती और देवगौड़ा खेतों में बिछ गई हैं जिससे दोनों पर बुरा प्रभाव पड़ने की संभावना है। उन्होंने कहा कि धान की फसल के अलावा गन्ने और मक्की की फसल को भी नुकसान पहुंचा है।
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उन्होंने कहा कि किसान बासमती की फसल में बड़ी मात्रा में कीटनाशकों का उपयोग कर रहे हैं जो गलत है। बासमती की फसल में बहुत से मित्र कीड़े भी होते हैं जो दुश्मन कीड़ों को खाकर गुजारा करते हैं।
उन्होंने किसानों से अपील की कि बासमती और धान की फसल के ऊपर किसी किस्म की समस्या आने पर खेती माहिरों की सलाह लेकर ही दवा छिड़कें। डाक्टर अमरीक सिंह ने कहा कि किसानों को बासमती और धान का बीज खुद तैयार करना चाहिए।