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अटल सेतु पुल शुरू, व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
ब्यूरो/अमर उजाला, पठानकोट
Updated Fri, 25 Dec 2015 03:42 PM IST
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गए केबल पुल का उद्घाटन वीरवार को केंद्रीय रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने
किया।
इस मौके पर रक्षा मंत्री ने कहा कि यह पुल जहां आम लोगों के लिए वरदान साबित होगा, वहीं देश की रक्षा में अहम योगदान देगा और आर्मी को उधमपुर जाने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन को समर्पित यह अटल सेतु लोगों की आपसी दूरियां कम करेगा तथा इससे पंजाब, हिमाचल प्रदेश व जम्मू कश्मीर के व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री डा जतिंद्र सिंह ने कहा कि यह देश का चौथा पुल है जो हावड़ा की तर्ज पर आधुनिक तकनीक से बनाया गया है। वहीं जम्मू कश्मीर के स्वास्थ्य मंत्री चौधरी लाल सिंह ने कहा कि पुल के शुरू होने से उनका लोगों से किया वायदा पूरा हो गया है। अब बसोहली-बनी-भदरवाह-किश्तवाड-आनंतनाग-श्रीनगर रूट चल पड़ा है।
यह पुल पांच वर्ष में बनकर तैयार हुआ है। इसका पूरा भार विशेष प्रकार की तारों पर डाला गया है। इसमें दरिया में कोई भी पिल्लर नहीं डाला गया है।
पुल का निर्माण करने वाले इंजीनियर पंकज कुमार ने बताया कि यह पुल 592 मीटर लंबा है तथा 13.50 मीटर चौड़ा है। पुल पर वाहनों के आवागमन के लिए 7.50 मीटर सड़क निर्मित की गई है व दोनों ओर 2-2 फुट फुटपाथ बनाया गया है। इसका डिजाइन आईआईटी दिल्ली के इंजीनियरों द्वारा तैयार किया गया तथा इसमें लगाई गई केबल को जापान, स्पेन से लाया गया है।
इस अवसर पर आर्मी प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग, पश्चिमी कमांड के प्रमुख लेफ्टिनेंट जरनल केजे सिंह, बीआरओ के डायरेक्टर लेफ्टिनेंट जनरल आरएन मित्तल व अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
इस मौके पर रक्षा मंत्री ने कहा कि यह पुल जहां आम लोगों के लिए वरदान साबित होगा, वहीं देश की रक्षा में अहम योगदान देगा और आर्मी को उधमपुर जाने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन को समर्पित यह अटल सेतु लोगों की आपसी दूरियां कम करेगा तथा इससे पंजाब, हिमाचल प्रदेश व जम्मू कश्मीर के व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री डा जतिंद्र सिंह ने कहा कि यह देश का चौथा पुल है जो हावड़ा की तर्ज पर आधुनिक तकनीक से बनाया गया है। वहीं जम्मू कश्मीर के स्वास्थ्य मंत्री चौधरी लाल सिंह ने कहा कि पुल के शुरू होने से उनका लोगों से किया वायदा पूरा हो गया है। अब बसोहली-बनी-भदरवाह-किश्तवाड-आनंतनाग-श्रीनगर रूट चल पड़ा है।
यह पुल पांच वर्ष में बनकर तैयार हुआ है। इसका पूरा भार विशेष प्रकार की तारों पर डाला गया है। इसमें दरिया में कोई भी पिल्लर नहीं डाला गया है।
पुल का निर्माण करने वाले इंजीनियर पंकज कुमार ने बताया कि यह पुल 592 मीटर लंबा है तथा 13.50 मीटर चौड़ा है। पुल पर वाहनों के आवागमन के लिए 7.50 मीटर सड़क निर्मित की गई है व दोनों ओर 2-2 फुट फुटपाथ बनाया गया है। इसका डिजाइन आईआईटी दिल्ली के इंजीनियरों द्वारा तैयार किया गया तथा इसमें लगाई गई केबल को जापान, स्पेन से लाया गया है।
इस अवसर पर आर्मी प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग, पश्चिमी कमांड के प्रमुख लेफ्टिनेंट जरनल केजे सिंह, बीआरओ के डायरेक्टर लेफ्टिनेंट जनरल आरएन मित्तल व अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।