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दुराचारी को उम्रकैद की सजा
पठानकोट।
Updated Tue, 22 Apr 2014 10:38 PM IST
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सुजानपुर में पांच साल की मासूम बच्ची के साथ हुई दुराचार की घटना के मामले में आरोपी को जिला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजीव कालरा की अदालत ने मंगलवार को उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट का यह फैसला घटना के एक साल बाद आया है।
नौ मई 2013 की रात को शहर के एक मोहल्ले की गली में पांच साल की बच्ची खेल रही थी। इसी बीच कुम्हारा मोहल्ले का 25 वर्षीय युवक सुलखन सिंह उर्फ मिंटू बच्ची को उठा ले गया। काफी देर तक बच्ची के गायब रहने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। रात को साढ़े नौ बजे बच्ची को मोहल्ले की एक गली से बरामद किया गया। बच्ची की हालत के बारे में पूछने पर उसने युवक के कृत्य से अवगत कराया।
बाद में पीड़िता से ऐसी वारदात के बाद मोहल्ले के लोग भड़क उठे और युवक के घर जा धमके। लोगों ने युवक की खूब धुनाई की और उसे सुजानपुर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने युवक के खिलाफ दुराचार के आरोप में मामला दर्ज किया था। जबकि बच्ची की हालत गंभीर होने की वजह से उसे कई दिनों तक अस्पताल में इलाज कराना पड़ा। मंगलवार को मामले की सुनवाई करते हुए जिला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजीव कालरा की अदालत ने आरोपी को उम्रकैद की सजा का फैसला सुनाया।
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नौ मई 2013 की रात को शहर के एक मोहल्ले की गली में पांच साल की बच्ची खेल रही थी। इसी बीच कुम्हारा मोहल्ले का 25 वर्षीय युवक सुलखन सिंह उर्फ मिंटू बच्ची को उठा ले गया। काफी देर तक बच्ची के गायब रहने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। रात को साढ़े नौ बजे बच्ची को मोहल्ले की एक गली से बरामद किया गया। बच्ची की हालत के बारे में पूछने पर उसने युवक के कृत्य से अवगत कराया।
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बाद में पीड़िता से ऐसी वारदात के बाद मोहल्ले के लोग भड़क उठे और युवक के घर जा धमके। लोगों ने युवक की खूब धुनाई की और उसे सुजानपुर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने युवक के खिलाफ दुराचार के आरोप में मामला दर्ज किया था। जबकि बच्ची की हालत गंभीर होने की वजह से उसे कई दिनों तक अस्पताल में इलाज कराना पड़ा। मंगलवार को मामले की सुनवाई करते हुए जिला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजीव कालरा की अदालत ने आरोपी को उम्रकैद की सजा का फैसला सुनाया।
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