{"_id":"03823961630d0f3b28638a45eea85d99","slug":"leaders-drug-jyani-health-center-minister-pathankot","type":"story","status":"publish","title_hn":"नशा तस्करी से नेताओं का नाम जोड़ना गलत : ज्याणी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नशा तस्करी से नेताओं का नाम जोड़ना गलत : ज्याणी
पठानकोट।
Updated Thu, 24 Jul 2014 10:46 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नशा तस्करी में सत्ता और विपक्ष के नेताओं का नाम आने के बाद वीरवार को पंजाब सरकार के सेहत एवं परिवार कल्याण मंत्री सुरजीत ज्याणी भी बचाव की मुद्रा में नजर आए। उन्होंने यहां 10 बेड वाले नशा छुड़ाओ केंद्र का उद्घाटन करने के दौरान कहा कि किसी के चेहरे पर लिखा नहीं होता कि वह तस्कर है या नहीं।
हम यह आसानी से भांप नहीं सकते ही हमारे पास आकर बैठने वाला व्यक्ति कैसा है। पहले राजस्व मंत्री विक्रमजीत सिंह मजीठिया और बाद में कांग्रेस के विधायक वडिंग का नशा तस्करों के साथ संबंध होने के बेबुनियाद आरोप लगाए गए। नेता खुद नशे के खिलाफ हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि वे नशा तस्करों का समर्थन भला क्यों करेंगे।
कार्यक्रम में डिप्टी स्पीकर दिनेश सिंह बब्बू और भोआ की विधायक सीमा कुमारी भी पहुंची। सेहत मंत्री ने कहा कि नेताओं को तस्करी से जोड़ना गलत है। सूबे में 1022 करोड़ रुपये चालू वित्तीय वर्ष में आधुनिक सेहत सुविधाओं पर खर्च किए जाएंगे। इसमें 25 करोड़ मुख्यमंत्री कैंसर राहत फंड और 15 करोड़ गरीब लोगों के मेडिकल बीमा पर खर्च होंगे। 50 करोड़ कैंसर व नशा मुक्ति के बुनियादी ढांचे और 40 करोड़ 108 एंबुलेंस सेवा प्रदान करने के लिए कर्च किए जाएंगे। सूबे में 31 में से 21 नशा छुड़ाओ केंद्र चालू किए गए हैं।
विज्ञापन
22 जिलों में खुलेंगे पुनर्वास केंद्र
नशेड़ियों के पुनर्वास के लिए 22 जिलों में पुनर्वास केंद्र खोले जाएंगे। जहां पर उन्हें काम की ट्रेनिंग दी जाएगी। पंजाब में अब तक तीन लाख 60 हजार नशेड़ियों का चेकअप किया गया है। जबकि 12 हजार मरीजों को नशा छुड़ाओ केंद्र में भर्ती किया गया है। दावा किया कि पंजाब को डेढ़ लाख में नशा मुक्त बनाया जाएगा। इस मौके पर डीसी सुखविंद्र सिंह, एसएसपी राकेश कौशल, सेहत एवं परिवार कल्याण विभाग के डायरेक्टर डा. कणजीत सिंह, सिविल सर्जन डा. अनिल महिंद्रा, डीएचओ डा. तरसेम सिंह, भाजपा के जिला प्रधान नरेंद्र परमार, एसएमओ डा. भूपिंद्र सिंह, अनिल रामपाल, जिला योजना बोर्ड के चेयरमैन सतीश महाजन, अनिल वासुदेवा, विनोद कुमार मौजूद थे।
शिला पट्ट से विधायक का नाम गायब
पठानकोट । सिविल अस्पताल पठानकोट में खोले गए नशा छुड़ाओ केंद्र का उद्घाटन वीरवार सेहत एवं परिवार कल्याण मंत्री सुरजीत ज्याणी ने किया, लेकिन पठानकोट के विधायक अश्वनी शर्मा से उनकी दूरियां साफ नजर आईं। अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि शिला पट्ट से विधायक का नाम गायब था। इससे नाराज विधायक अश्वनी शर्मा कार्यक्रम में हिस्सा लेने नहीं पहुंचे। हालांकि जिले के अन्य दोनों हल्कों के विधायक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे। इससे दोनों नेताओं के बीच तल्खी और बढ़ने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
विज्ञापन
हम यह आसानी से भांप नहीं सकते ही हमारे पास आकर बैठने वाला व्यक्ति कैसा है। पहले राजस्व मंत्री विक्रमजीत सिंह मजीठिया और बाद में कांग्रेस के विधायक वडिंग का नशा तस्करों के साथ संबंध होने के बेबुनियाद आरोप लगाए गए। नेता खुद नशे के खिलाफ हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि वे नशा तस्करों का समर्थन भला क्यों करेंगे।
विज्ञापन
कार्यक्रम में डिप्टी स्पीकर दिनेश सिंह बब्बू और भोआ की विधायक सीमा कुमारी भी पहुंची। सेहत मंत्री ने कहा कि नेताओं को तस्करी से जोड़ना गलत है। सूबे में 1022 करोड़ रुपये चालू वित्तीय वर्ष में आधुनिक सेहत सुविधाओं पर खर्च किए जाएंगे। इसमें 25 करोड़ मुख्यमंत्री कैंसर राहत फंड और 15 करोड़ गरीब लोगों के मेडिकल बीमा पर खर्च होंगे। 50 करोड़ कैंसर व नशा मुक्ति के बुनियादी ढांचे और 40 करोड़ 108 एंबुलेंस सेवा प्रदान करने के लिए कर्च किए जाएंगे। सूबे में 31 में से 21 नशा छुड़ाओ केंद्र चालू किए गए हैं।
विज्ञापन
22 जिलों में खुलेंगे पुनर्वास केंद्र
नशेड़ियों के पुनर्वास के लिए 22 जिलों में पुनर्वास केंद्र खोले जाएंगे। जहां पर उन्हें काम की ट्रेनिंग दी जाएगी। पंजाब में अब तक तीन लाख 60 हजार नशेड़ियों का चेकअप किया गया है। जबकि 12 हजार मरीजों को नशा छुड़ाओ केंद्र में भर्ती किया गया है। दावा किया कि पंजाब को डेढ़ लाख में नशा मुक्त बनाया जाएगा। इस मौके पर डीसी सुखविंद्र सिंह, एसएसपी राकेश कौशल, सेहत एवं परिवार कल्याण विभाग के डायरेक्टर डा. कणजीत सिंह, सिविल सर्जन डा. अनिल महिंद्रा, डीएचओ डा. तरसेम सिंह, भाजपा के जिला प्रधान नरेंद्र परमार, एसएमओ डा. भूपिंद्र सिंह, अनिल रामपाल, जिला योजना बोर्ड के चेयरमैन सतीश महाजन, अनिल वासुदेवा, विनोद कुमार मौजूद थे।
शिला पट्ट से विधायक का नाम गायब
पठानकोट । सिविल अस्पताल पठानकोट में खोले गए नशा छुड़ाओ केंद्र का उद्घाटन वीरवार सेहत एवं परिवार कल्याण मंत्री सुरजीत ज्याणी ने किया, लेकिन पठानकोट के विधायक अश्वनी शर्मा से उनकी दूरियां साफ नजर आईं। अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि शिला पट्ट से विधायक का नाम गायब था। इससे नाराज विधायक अश्वनी शर्मा कार्यक्रम में हिस्सा लेने नहीं पहुंचे। हालांकि जिले के अन्य दोनों हल्कों के विधायक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे। इससे दोनों नेताओं के बीच तल्खी और बढ़ने की अटकलें लगाई जा रही हैं।