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‘गलत नीतियों से भ्रष्टाचार और महंगाई बढ़ी’
पठानकोट
Updated Wed, 20 Nov 2013 10:31 PM IST
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कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया मार्क्सवादी की ओर से मांगों को लेकर लेबर शेड में धरना दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने देश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के लिए केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। सीपीआई के जिला सचिव राजकुमार सरना और सीपीआई (एम) के जिला सचिव कामरेड धन्ना राम की अध्यक्षता में दिए धरने में प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
वक्ताओं ने कहा कि केंद्र और राज्य की आर्थिक नीतियों के परिणामस्वरूप ही देश में बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। यूपीए सरकार की नीतियों के चलते खाद्य वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं। उन्होंने कहा कि गरीबों, मजदूरों, किसानों को मिलने वाली सब्सिडी में कटौती की जा रही है और मरीदों को रिआयत पहुंचाई जा रही है।
उन्होंने कर्नाटक का उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा का दामन भी घोटालो से साफ नहीं है।
भाजपा भी कांग्रेस की तरह आर्थिक नीतियों पर चल रही है जो महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार की जननी हैं। उन्होंने कहा कि आज देश में नेता नहीं अपितु नीतियां बदलने की जरूरत है। उन्होंने भूमि सुधार कानून लागू करने की मांग करते हुए कहा कि निजी क्षेत्र बंद होना चाहिए और सार्वजनिक क्षेत्र को मजबूत बनाया जाना चाहिए। उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली को लागू करने की मांग की।
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इसके साथ ही शिक्षा और सेहत का निजीकरण रोकने और भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए स्वतंत्र लोकपाल कानून लाने की मांग की। उन्होंने मजदूरों के लिए कम से कम वेतन, सुरक्षा का पाल करने, महिलाओं को समान अधिकार देने के लिए संसद व राज्य विधानसभा में एक तिहाई प्रतिशत निर्धारित करने पर जोर दिया। उन्होंने स्वतंत्र विदेश नीति अपनाने, दलित व अल्पसंख्यकों की रक्षा यकीनी बनाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि पंजाब की अकाली-भाजपा सरकार राज्य में शांति कायम रखने में नाकामयाब रही है। इस मौके पर धरने को कामरेड सेवा राम, सुरिंदर गिल, हरबंस लाल, सत प्रकाश, संजीव महाजन, विक्रमजीत, विनोद कुमार, गणेश कुमार, कृपाल सिंह, कुलवंत भंडारी, सुभाष शर्मा, किशन चंद, राजकुमार कालिया और रघुबीर सिंह और रणवीर विर्क ने संबोधित किया।
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वक्ताओं ने कहा कि केंद्र और राज्य की आर्थिक नीतियों के परिणामस्वरूप ही देश में बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। यूपीए सरकार की नीतियों के चलते खाद्य वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं। उन्होंने कहा कि गरीबों, मजदूरों, किसानों को मिलने वाली सब्सिडी में कटौती की जा रही है और मरीदों को रिआयत पहुंचाई जा रही है।
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उन्होंने कर्नाटक का उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा का दामन भी घोटालो से साफ नहीं है।
भाजपा भी कांग्रेस की तरह आर्थिक नीतियों पर चल रही है जो महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार की जननी हैं। उन्होंने कहा कि आज देश में नेता नहीं अपितु नीतियां बदलने की जरूरत है। उन्होंने भूमि सुधार कानून लागू करने की मांग करते हुए कहा कि निजी क्षेत्र बंद होना चाहिए और सार्वजनिक क्षेत्र को मजबूत बनाया जाना चाहिए। उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली को लागू करने की मांग की।
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इसके साथ ही शिक्षा और सेहत का निजीकरण रोकने और भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए स्वतंत्र लोकपाल कानून लाने की मांग की। उन्होंने मजदूरों के लिए कम से कम वेतन, सुरक्षा का पाल करने, महिलाओं को समान अधिकार देने के लिए संसद व राज्य विधानसभा में एक तिहाई प्रतिशत निर्धारित करने पर जोर दिया। उन्होंने स्वतंत्र विदेश नीति अपनाने, दलित व अल्पसंख्यकों की रक्षा यकीनी बनाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि पंजाब की अकाली-भाजपा सरकार राज्य में शांति कायम रखने में नाकामयाब रही है। इस मौके पर धरने को कामरेड सेवा राम, सुरिंदर गिल, हरबंस लाल, सत प्रकाश, संजीव महाजन, विक्रमजीत, विनोद कुमार, गणेश कुमार, कृपाल सिंह, कुलवंत भंडारी, सुभाष शर्मा, किशन चंद, राजकुमार कालिया और रघुबीर सिंह और रणवीर विर्क ने संबोधित किया।