{"_id":"8138773b78d56e6544ec7ef55d16c8d2","slug":"crushers-union-mining-office-punjab-government-himachal-j-k-pathankot","type":"story","status":"publish","title_hn":"अधिक वसूली पर भड़की क्रशर यूनियन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अधिक वसूली पर भड़की क्रशर यूनियन
पठानकोट ।
Updated Sun, 29 Jun 2014 09:37 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
क्रशर यूनियन की ओर से रविवार को माइनिंग दफ्तर के समक्ष रॉयल्टी पर्ची के नाम पर अधिक रकम वसूलने के विरोध में रविवार को रोष प्रदर्शन किया गया। इस मौके पर पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। विजय पासी ने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से क्रशर यूनियन के साथ धक्केशाही की जा रही है।
ऐसे में यूनियन में पंजाब सरकार के खिलाफ भारी रोष है। उन्होंने कहा कि पर्ची के नाम पर वसूली को लेकर उनके साथ गुंडागर्दी की जा रही है। पर्ची के नाम पर उनसे पांच सौ रुपये वसूले जा रहे हैं। जबकि हिमाचल प्रदेश में पर्ची के नाम पर मात्र 50 रुपये की वसूली होती है।
उन्होंने कहा कि यदि हम 700 रुपये भी ब्रिकी पर 500 रुपये रॉयल्टी पर्ची के नाम पर अदा कर दें तो हमारी आमदनी भला क्या होगी। सीमित आमदनी में ही उन्हें बिजली के बिल, लेबर चार्ज, डीजल व किश्तें भी देनी होती हैं। कहा कि सरकारी की गलत नीतियों से जिले की क्रशर इंडस्ट्री बंद होने के कगार पर पहुंच गई है। सरकार को चाहिए कि वह हिमाचल सरकार की तर्ज पर कर नीति तैयार करे। इससे जिले में क्रशर इंडस्ट्री को बंद होने से बचाया जा सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
ऐसे में यूनियन में पंजाब सरकार के खिलाफ भारी रोष है। उन्होंने कहा कि पर्ची के नाम पर वसूली को लेकर उनके साथ गुंडागर्दी की जा रही है। पर्ची के नाम पर उनसे पांच सौ रुपये वसूले जा रहे हैं। जबकि हिमाचल प्रदेश में पर्ची के नाम पर मात्र 50 रुपये की वसूली होती है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि यदि हम 700 रुपये भी ब्रिकी पर 500 रुपये रॉयल्टी पर्ची के नाम पर अदा कर दें तो हमारी आमदनी भला क्या होगी। सीमित आमदनी में ही उन्हें बिजली के बिल, लेबर चार्ज, डीजल व किश्तें भी देनी होती हैं। कहा कि सरकारी की गलत नीतियों से जिले की क्रशर इंडस्ट्री बंद होने के कगार पर पहुंच गई है। सरकार को चाहिए कि वह हिमाचल सरकार की तर्ज पर कर नीति तैयार करे। इससे जिले में क्रशर इंडस्ट्री को बंद होने से बचाया जा सकेगा।
विज्ञापन