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पठानकोट बंद बेअसर, संगठन आपस में ही उलझे
पठानकोट
Updated Tue, 26 Nov 2013 10:47 PM IST
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हिंदू संगठनों का मंगलवार को पठानकोट बंद का आह्वान बेअसर रहा। बंद को लेकर हिंदू संगठन आपस में बंटे नजर आए। हालांकि भारी पुलिस सुरक्षा के बीच कुछ संगठनों ने सुबह शहर में दुकानें बंद कराईं, लेकिन 12 बजे के बाद बाजार पूरी तरह से खुल गए। दिनभर सड़कों पर वाहन सरपट दौड़ते रहे। सरकारी दफ्तर से लेकर शिक्षण संस्थान भी खुले रहे। इस मौके पर हिंदू संगठनों ने कई जगहों पर धरना दिया।
गोहत्या के विरोध में शिवसेना पंजाब की ओर से पठानकोट बंद का आह्वान किया था। बंद को असफल बनाने के लिए पुलिस की ओर से शहर में कड़ा सुरक्षा पहरा बैठाया गया था और चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया था। खुद डीएसपी स्तर के अधिकारी प्रदर्शनकारियों पर नजर बनाए रखे। सुबह आठ बजे से ही शिवसेना पंजाब, अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा समिति, शिव सेवक वेलफेयर सोसाइटी, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता सड़कों पर दुकानें बंद कराने के लिए निकल गए लेकिन शिवसेना (बाल ठाकरे), व्यापारमंडल समेत अन्य हिंदू संगठनों ने बंद से दूरी बनाए रखी। विरोध करने उतरे संगठनों ने मेन बाजार समेत मुख्य बाजारों में दुकानों को बंद रखने की अपील की।
11 बजे तक प्रदर्शनकारियों ने पटेल चौक, पीर बाबा चौक, ढांगू रोड, डाक खाना चौक, गांधी चौक समेत मुख्य बाजारों में रोष मार्च निकाला। पटेल चौक में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के डीएसपी सिटी वरिंदर सिंह संधू के बीच जबरदस्ती दुकानें बंद कराने को लेकर नोकझोंक हुई, लेकिन मामला शांत कर लिया गया। रोष मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने अन्य बाजारों में खुली इक्का-दुक्का दुकानों को भी बंद रखने की अपील की लेकिन उनके जाते ही दुकानदारों ने अपनी दुकानें दोबारा खोल दीं। 12 बजे तक बाजारों में दुकानों के शटर आधे गिरे रहे और प्रदर्शनकारियों के जाते ही बाजार खुल गए। सड़कों पर सामान्य की तरह ट्रैफिक चलती रही।
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कुछ संगठन राजनीति कर रहे : राहलु
इस मौके पर शिवसेना पंजाब के जिला अध्यक्ष रवि शर्मा, शिव सेवक वेलफेयर सोसाइटी के प्रधान सतीश महाजन, हिंदू सुरक्षा समिति के चेयरमैन सुरेंदर मन्हास, विहिप के देवेंदर शर्मा, बजरंग दल के राहुल शर्मा ने कहा कि बंद को असफल बनाने के लिए प्रशासन ने सारे हत्थकंड़े अपनाए हैं, लेकिन उनका बंद कामयाब रहा है। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा कि कुछ हिंदू संगठन गो हत्या के नाम पर राजनीति कर रहे हैं । उन्होंने कहा कि बंद पर 11 संगठनों ने सहमति जताई थी, लेकिन उनमें से कई शामिल नहीं हुए। इससे उनके चेहरा आज सबके सामने आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि गाय को हिंदू धर्म में मां का दर्जा दिया गया है और उसकी हत्यारों को सजा दिलाने के लिए सभी को आगे आना चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि गो हत्यारों का सुराग नहीं लगाया तो पूरे पंजाब में संघर्ष की लहर छेड़ी जाएगी।
समस्या का हल बंद नहीं: योगराज
शिवसेना (बाल ठाकरे) के प्रदेश अध्यक्ष योगराज शर्मा ने कहा कि किसी भी समस्या का हल बंद नहीं है। बंद से आम जनता को परेशानी न हो इसीलिए उनके संगठन का समर्थन नहीं था। उन्होंने कहा कि शिवसेना (बाल ठाकरे) गो हत्यारों को पकड़ाने के लिए हर लड़ाई लड़ने को तैयार है, लेकिन आम जनता भी परेशान नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी का समर्थन नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि प्रशासन और पुलिस के साथ मिलकर गो हत्यारों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि शहर में लावारिस घूम रहे गोधन को बचाने के लिए भी संस्थाओं को सोचना चाहिए। बिना किसी वजह के राजनीति नहीं की जानी चाहिए।
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गोहत्या के विरोध में शिवसेना पंजाब की ओर से पठानकोट बंद का आह्वान किया था। बंद को असफल बनाने के लिए पुलिस की ओर से शहर में कड़ा सुरक्षा पहरा बैठाया गया था और चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया था। खुद डीएसपी स्तर के अधिकारी प्रदर्शनकारियों पर नजर बनाए रखे। सुबह आठ बजे से ही शिवसेना पंजाब, अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा समिति, शिव सेवक वेलफेयर सोसाइटी, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता सड़कों पर दुकानें बंद कराने के लिए निकल गए लेकिन शिवसेना (बाल ठाकरे), व्यापारमंडल समेत अन्य हिंदू संगठनों ने बंद से दूरी बनाए रखी। विरोध करने उतरे संगठनों ने मेन बाजार समेत मुख्य बाजारों में दुकानों को बंद रखने की अपील की।
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11 बजे तक प्रदर्शनकारियों ने पटेल चौक, पीर बाबा चौक, ढांगू रोड, डाक खाना चौक, गांधी चौक समेत मुख्य बाजारों में रोष मार्च निकाला। पटेल चौक में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के डीएसपी सिटी वरिंदर सिंह संधू के बीच जबरदस्ती दुकानें बंद कराने को लेकर नोकझोंक हुई, लेकिन मामला शांत कर लिया गया। रोष मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने अन्य बाजारों में खुली इक्का-दुक्का दुकानों को भी बंद रखने की अपील की लेकिन उनके जाते ही दुकानदारों ने अपनी दुकानें दोबारा खोल दीं। 12 बजे तक बाजारों में दुकानों के शटर आधे गिरे रहे और प्रदर्शनकारियों के जाते ही बाजार खुल गए। सड़कों पर सामान्य की तरह ट्रैफिक चलती रही।
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कुछ संगठन राजनीति कर रहे : राहलु
इस मौके पर शिवसेना पंजाब के जिला अध्यक्ष रवि शर्मा, शिव सेवक वेलफेयर सोसाइटी के प्रधान सतीश महाजन, हिंदू सुरक्षा समिति के चेयरमैन सुरेंदर मन्हास, विहिप के देवेंदर शर्मा, बजरंग दल के राहुल शर्मा ने कहा कि बंद को असफल बनाने के लिए प्रशासन ने सारे हत्थकंड़े अपनाए हैं, लेकिन उनका बंद कामयाब रहा है। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा कि कुछ हिंदू संगठन गो हत्या के नाम पर राजनीति कर रहे हैं । उन्होंने कहा कि बंद पर 11 संगठनों ने सहमति जताई थी, लेकिन उनमें से कई शामिल नहीं हुए। इससे उनके चेहरा आज सबके सामने आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि गाय को हिंदू धर्म में मां का दर्जा दिया गया है और उसकी हत्यारों को सजा दिलाने के लिए सभी को आगे आना चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि गो हत्यारों का सुराग नहीं लगाया तो पूरे पंजाब में संघर्ष की लहर छेड़ी जाएगी।
समस्या का हल बंद नहीं: योगराज
शिवसेना (बाल ठाकरे) के प्रदेश अध्यक्ष योगराज शर्मा ने कहा कि किसी भी समस्या का हल बंद नहीं है। बंद से आम जनता को परेशानी न हो इसीलिए उनके संगठन का समर्थन नहीं था। उन्होंने कहा कि शिवसेना (बाल ठाकरे) गो हत्यारों को पकड़ाने के लिए हर लड़ाई लड़ने को तैयार है, लेकिन आम जनता भी परेशान नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी का समर्थन नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि प्रशासन और पुलिस के साथ मिलकर गो हत्यारों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि शहर में लावारिस घूम रहे गोधन को बचाने के लिए भी संस्थाओं को सोचना चाहिए। बिना किसी वजह के राजनीति नहीं की जानी चाहिए।