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बच्चों के निवाले में स्वच्छता ताक पर
पठानकोट ।
Updated Tue, 27 May 2014 10:53 PM IST
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सरकारी स्कूलों में आठवीं कक्षा तक के बच्चों को दोपहर का भोजन कराने के लिए संचालित मिड-डे-मील योजना के क्रियान्वयन में स्वच्छता के नामकों का पालन नहीं हो रहा है। अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि स्कूलों में भोजन तैयार करने और उसे बच्चों को परोसने के दौरान सफाई की अनदेखी की जा रही है।
ताज्जुब है कि इस मामले में विभागीय अफसर भी मौन हैं। जबकि गर्मी के मौसम में बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने के मामले में सफाई के मानकों की अनदेखी उनकी सेहत पर भारी पड़ सकती है।
पंजाब सरकार की ओर से जिले के 156 मिडिल और 376 प्राइमरी स्कूलों में यह योजना संचालित है। इनमें बच्चों को रोजाना मिड-डे-मील दिया जाता है। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से इन स्कूलों में बच्चों को परोसे जाने वाले भोजन को लेकर कुछ नियम बनाए गए थे, लेकिन कुछ स्कूलों में मिड-डे-मिल योजना का भोजन बनाने व परोसने वाले कूक भी इन मानकों की ओर ध्यान नहीं देते।
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दूसरी ओर स्कूल के शिक्षकों की ओर से भी इस मामले में कभी सख्ती नहीं दिखाई जाती। कुछ स्कूलों का हाल यह है कि गर्मी के इस मौसम में यहां भोजन को बिना ढके ही रखा जाता है। और तो और कुछ स्कूलों में सफाई को नजर अंदाज कर बच्चों को रसोई घर में ही बैठाकर भोजन परोसा जाता है।
हो चुकी हैं बच्चों के बीमार होने की घटनाएं
कुछ माह पूर्व राजस्थान के एक स्कूल में मिट-डे-मील योजना के तहत बच्चों को दूषित भोजन खिलाए जाने से कुछ बच्चे बीमार हो गए थे। इस घटना के सामने आने के बाद पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने सख्ती दिखाई थी। अफसरों ने तक विभिन्न स्कूलों का दौरा किया था। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी पठानकोट पवन कुमार ने भी अपनी टीम के साथ क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों का निरीक्षण कर भोजन की स्वच्छता के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए थे।
यह हैं मानक
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से सरकारी स्कूलों में संचालित मिड-डे-मिल योजना के मामले में सफाई के मानक तय किए गए हैं। इसके तहत कहा गया है कि भोजन पकाते समय कुक अपने जूते-चप्पल को रसोई घर से बाहर रखेगा। साथ ही खाना ढका हुआ होना चाहिए। खाना बनाने वाली जगह साफ होनी चाहिए। खाना खाने से पहले बच्चों से प्रार्थना करवाई जाए। वहीं बोर्ड की ओर से हर रोज के भोजन का मीनू भी तय है। इसमें सोमवार को दाल-चपाती, मंगलवार को दाल-चावल, बुधवार को काले चने-चपाती, वीरवार को कड़ी-चावल, शुक्रवार को सब्जी-चपाती-खीर और शनिवार को दाल-चावल शामिल है
अफसर बेपरवाह
मिड-डे-मील योजना के क्रियान्वयन के मामले में स्वच्छता को लेकर शिक्षा विभाग के अफसर गंभीर नहीं हैं। जब इस संबंध में डीईओ प्राइमरी कपूर सिंह ने पूछा गया तो उन्होंने संतोषजनक उत्तर देना मुनासिब नहीं समझा। दूसरी ओर जिला कोऑर्डीनेटर मंजू ने बताया कि बोर्ड की ओर से सभी स्कूलों को स्पष्ट हिदायतें दी गई हैं। जो स्कूल इन मानकों का पालना नहीं कर रहे हैं उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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ताज्जुब है कि इस मामले में विभागीय अफसर भी मौन हैं। जबकि गर्मी के मौसम में बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने के मामले में सफाई के मानकों की अनदेखी उनकी सेहत पर भारी पड़ सकती है।
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पंजाब सरकार की ओर से जिले के 156 मिडिल और 376 प्राइमरी स्कूलों में यह योजना संचालित है। इनमें बच्चों को रोजाना मिड-डे-मील दिया जाता है। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से इन स्कूलों में बच्चों को परोसे जाने वाले भोजन को लेकर कुछ नियम बनाए गए थे, लेकिन कुछ स्कूलों में मिड-डे-मिल योजना का भोजन बनाने व परोसने वाले कूक भी इन मानकों की ओर ध्यान नहीं देते।
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दूसरी ओर स्कूल के शिक्षकों की ओर से भी इस मामले में कभी सख्ती नहीं दिखाई जाती। कुछ स्कूलों का हाल यह है कि गर्मी के इस मौसम में यहां भोजन को बिना ढके ही रखा जाता है। और तो और कुछ स्कूलों में सफाई को नजर अंदाज कर बच्चों को रसोई घर में ही बैठाकर भोजन परोसा जाता है।
हो चुकी हैं बच्चों के बीमार होने की घटनाएं
कुछ माह पूर्व राजस्थान के एक स्कूल में मिट-डे-मील योजना के तहत बच्चों को दूषित भोजन खिलाए जाने से कुछ बच्चे बीमार हो गए थे। इस घटना के सामने आने के बाद पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने सख्ती दिखाई थी। अफसरों ने तक विभिन्न स्कूलों का दौरा किया था। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी पठानकोट पवन कुमार ने भी अपनी टीम के साथ क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों का निरीक्षण कर भोजन की स्वच्छता के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए थे।
यह हैं मानक
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से सरकारी स्कूलों में संचालित मिड-डे-मिल योजना के मामले में सफाई के मानक तय किए गए हैं। इसके तहत कहा गया है कि भोजन पकाते समय कुक अपने जूते-चप्पल को रसोई घर से बाहर रखेगा। साथ ही खाना ढका हुआ होना चाहिए। खाना बनाने वाली जगह साफ होनी चाहिए। खाना खाने से पहले बच्चों से प्रार्थना करवाई जाए। वहीं बोर्ड की ओर से हर रोज के भोजन का मीनू भी तय है। इसमें सोमवार को दाल-चपाती, मंगलवार को दाल-चावल, बुधवार को काले चने-चपाती, वीरवार को कड़ी-चावल, शुक्रवार को सब्जी-चपाती-खीर और शनिवार को दाल-चावल शामिल है
अफसर बेपरवाह
मिड-डे-मील योजना के क्रियान्वयन के मामले में स्वच्छता को लेकर शिक्षा विभाग के अफसर गंभीर नहीं हैं। जब इस संबंध में डीईओ प्राइमरी कपूर सिंह ने पूछा गया तो उन्होंने संतोषजनक उत्तर देना मुनासिब नहीं समझा। दूसरी ओर जिला कोऑर्डीनेटर मंजू ने बताया कि बोर्ड की ओर से सभी स्कूलों को स्पष्ट हिदायतें दी गई हैं। जो स्कूल इन मानकों का पालना नहीं कर रहे हैं उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।