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लाई डिटेक्टर टेस्ट की इजाजत नहीं मिली
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदकोट
Updated Sat, 31 Oct 2015 09:52 PM IST
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जिला पुलिस को बरगाड़ी कांड में गिरफ्तार दो भाइयों रूपिंदर सिंह व जसविंदर सिंह का लाई डिटेक्टर टेस्ट करवाने की अदालत से इजाजत नहीं मिल पाई। शनिवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट किरण बाला की अदालत ने दोनों आरोपी भाइयों के अपनी स्पष्ट राय न रखने की वजह से पुलिस को यह इजाजत देने से साफ इंकार कर दिया। इस फैसले से बरगाड़ी कांड में पड़ताल में जुटी जिला पुलिस समेत जांच एजेंसियों को बड़ा झटका लगा है।
शनिवार को सुनवाई के दौरान दोनों भाईयों रूपिंदर सिंह व जसविंदर सिंह को भी अदालत में पेश किया गया। पेशी के दौरान रूपिंदर व जसविंदर ने टेस्ट के संदर्भ में अपना बयान दर्ज करवाया। उन्होंने कहा कि यह एक पंथक मसला है और इसमें पंथक नेताओं से बातचीत करने के उपरांत ही वे अपना पक्ष रख सकते हैं।
दोनों भाइयों की तरफ से बातचीत करने के लिए 30 पंथक नेताओं की सूची भी अदालत के सामने रखी। सुनवाई के उपरांत याचिका का निपटारा करते हुए अदालत ने कहा कि कानूनी पक्ष से अदालत का पंथक मामले से कोई सरोकार नहीं है। कानूनी प्रक्रिया के तहत नामजद आरोपियों ने टेस्ट करवाने के बारे में ना तो सहमति जताई है और ना ही इंकार किया है।
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ऐसे हालात में अदालत पुलिस को टेस्ट करवाने की इजाजत नहीं दे सकती। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि सरकार अपने स्तर पर लाई डिटेक्टर टेस्ट करवाने की कोशिश कर सकती है।
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शनिवार को सुनवाई के दौरान दोनों भाईयों रूपिंदर सिंह व जसविंदर सिंह को भी अदालत में पेश किया गया। पेशी के दौरान रूपिंदर व जसविंदर ने टेस्ट के संदर्भ में अपना बयान दर्ज करवाया। उन्होंने कहा कि यह एक पंथक मसला है और इसमें पंथक नेताओं से बातचीत करने के उपरांत ही वे अपना पक्ष रख सकते हैं।
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दोनों भाइयों की तरफ से बातचीत करने के लिए 30 पंथक नेताओं की सूची भी अदालत के सामने रखी। सुनवाई के उपरांत याचिका का निपटारा करते हुए अदालत ने कहा कि कानूनी पक्ष से अदालत का पंथक मामले से कोई सरोकार नहीं है। कानूनी प्रक्रिया के तहत नामजद आरोपियों ने टेस्ट करवाने के बारे में ना तो सहमति जताई है और ना ही इंकार किया है।
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ऐसे हालात में अदालत पुलिस को टेस्ट करवाने की इजाजत नहीं दे सकती। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि सरकार अपने स्तर पर लाई डिटेक्टर टेस्ट करवाने की कोशिश कर सकती है।