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शिव लाल डोडा की गिरफ्तारी न होने पर रोष
ब्यूरो/अमर उजाला, फिरोजपुर
Updated Sun, 17 Jan 2016 02:57 PM IST
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शराब व्यवसायी व अकाली नेता शिव लाल डोडा के रामसरा फार्म हाउस में दलित युवक भीम टांक की बर्बरतापूर्वक हत्या व गुरजंट सिंह उर्फ जंटा लाहौरिया पर कातिलाना हमला करने के आरोप में वांछित शिव लाल डोडा की गिरफ्तारी न किए जाने से आहत टांक परिवार के समर्थक भीम की मां कौशल्या देवी के नेतृत्व में 18 जनवरी को मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के विरोध में प्रदर्शन किया जाएगा।
धरनास्थल पर बैठी भीम की मां कौशल्या देवी व उनके परिजनों ने कहा कि उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल के आश्वासन के बावजूद शिवलाल डोडा की गिरफ्तारी संभव नहीं हुई। न ही मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल अबोहर आने का समय निकाल पाए हैं। हालांकि अलग अलग अवसरों पर हरसिमरत कौर बादल सहित बादल परिवार के तीनों मुख्य सदस्यों ने यह स्पष्टीकरण दिया था कि शिरोमणि अकाली दल और बादल परिवार का डोडा परिवार से कोई वास्ता नहीं है।
हालांकि घटनाक्रम इस ओर संकेत करता है कि शिव लाल को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। अकाली दल की स्थानीय शाखा के पदाधिकारी इस प्रकरण में लोगों को गुमराह करने की साजिश रचते हुए शिव लाल और जेल में बंद उसके भतीजे अमित डोडा व शराब माफिया के पुराने कर्मचारियों को निर्दोष बताने का दु:साहस कर रहे हैं। दलित समुदाय इस स्थिति को हरगिज सहन नहीं करेगा।
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कौशल्या देवी ने कहा कि सरकार ने उनके परिवार को मुआवजा देने और सरकारी नौकरी उपलब्ध करवाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। भीम टांक हत्याकांड संघर्ष समिति और प्रदेश के प्रमुख राजनीतिक दलों द्वारा इस मामले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग को भी नजरंदाज किया जा रहा है।
शिव लाल की गिरफ्तारी न होने से जाहिर हो गया है कि इस कांड में पीड़ितों को सही न्याय तभी मिलेगा जब पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई को सौंपी जाएगी। इन मांगों पर जोर देने के लिए सोमवार को प्रदर्शन किया जाएगा।
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धरनास्थल पर बैठी भीम की मां कौशल्या देवी व उनके परिजनों ने कहा कि उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल के आश्वासन के बावजूद शिवलाल डोडा की गिरफ्तारी संभव नहीं हुई। न ही मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल अबोहर आने का समय निकाल पाए हैं। हालांकि अलग अलग अवसरों पर हरसिमरत कौर बादल सहित बादल परिवार के तीनों मुख्य सदस्यों ने यह स्पष्टीकरण दिया था कि शिरोमणि अकाली दल और बादल परिवार का डोडा परिवार से कोई वास्ता नहीं है।
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हालांकि घटनाक्रम इस ओर संकेत करता है कि शिव लाल को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। अकाली दल की स्थानीय शाखा के पदाधिकारी इस प्रकरण में लोगों को गुमराह करने की साजिश रचते हुए शिव लाल और जेल में बंद उसके भतीजे अमित डोडा व शराब माफिया के पुराने कर्मचारियों को निर्दोष बताने का दु:साहस कर रहे हैं। दलित समुदाय इस स्थिति को हरगिज सहन नहीं करेगा।
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कौशल्या देवी ने कहा कि सरकार ने उनके परिवार को मुआवजा देने और सरकारी नौकरी उपलब्ध करवाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। भीम टांक हत्याकांड संघर्ष समिति और प्रदेश के प्रमुख राजनीतिक दलों द्वारा इस मामले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग को भी नजरंदाज किया जा रहा है।
शिव लाल की गिरफ्तारी न होने से जाहिर हो गया है कि इस कांड में पीड़ितों को सही न्याय तभी मिलेगा जब पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई को सौंपी जाएगी। इन मांगों पर जोर देने के लिए सोमवार को प्रदर्शन किया जाएगा।