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पूर्व सैनिक ने बहू को गोलियों से भूना, मौत
अमर उजाला, (मालेरकोटला/संगरूर)
Updated Thu, 03 Apr 2014 10:36 PM IST
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गांव भुरथला मंडेर के एक रिटायर्ड सैनिक ने बहू को गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के दौरान छर्रे मृतका के डेढ़ साल के बच्चे को भी लगे। उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी प्रताप सिंह को हत्या और खुदकुशी का प्रयास करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है।
गांव भुरथला मंडेर में वीरवार को दहेज की मांग कर रहे पूर्व सैनिक प्रताप सिंह ने अपनी बहू तरणजीत कौर पर बारह बोर की बंदूक से फायर कर दिए। तरणजीत को दो गोलियां लगीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात में गोलियों के छर्रे तरणजीत कौर की गोद में खेल रहे डेढ़ साल के मासूम बच्चे गुरशरण सिंह को भी लग गए। उसे घायल हालत में मालेरकोटला के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
मृतका की मां परमजीत कौर ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को दहेज की वजह से मारा गया है। उनके दामाद सुरजीत सिंह हैं और दहेज में कार की मांग कर रहे थे। गांववासी दलजीत सिंह ने रोष व्यक्त करते बताया कि अगर संबंधित पुलिस चौकी के अधिकारी वक्त रहते चुनाव आयोग की पालना करते हुए प्रताप सिंह की राइफल जमा करा लेते तो शायद यह हादसा नहीं होता।
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आरोपी ने किया था खुदकुशी का प्रयास
आरोपी प्रताप सिंह ने अपनी पुत्रवधु को गोलियां मारने के बाद कोई विषाक्त पदार्थ खाकर खुदकुशी का प्रयास किया। गंभीर हालत में उसे पुलिस ने मालेरकोटला के सरकारी अस्पताल में दाखिल करवाया है। वहां से उसे राजिंदरा अस्पताल पटियाला रेफर कर दिया गया।
मामले की निष्पक्ष जांच होगी : पुलिस
लाइसेंसी असलहा जमा करवाने में असफल जोड़े पुल पुलिस चौकी के आरोपों में घिरने के बाद मंडी अहमदगढ़ के थाना प्रमुख तरुणजीत सिंह ने कहा कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जा रही है। समय पर असलहा जमा नहीं होने के लिए जिम्मेवार लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
नहीं जमा करवाया था असलहा
देशभर में चुनाव आचार संहिता को सख्ती से लागू करने के दावे भले ही चुनाव आयोग द्वारा किए जा रहे हों, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि पंजाब में अब भी बड़ी संख्या में लाइसेंसी हथियारों का खुलेआम प्रयोग हो रहा है। उन्हें रोक पाने में पुलिस अथवा सिविल प्रशासन नाकाम साबित हुआ है। इसका एक उदाहरण मालेरकोटला के साथ सटे गांव भुरथला मंडेर में एक पूर्व सैनिक द्वारा अपनी लाइसेंसी राइफल से अपनी पुत्रवधू को गोली मार देने का है।
नियमानुसार आदर्श चुनाव आचार संहिता के लागू होने के बाद लाइसेंसी असलहा बिना देरी संबंधित पुलिस थानों अथवा केंद्रों में जमा करवाना होता है।
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गांव भुरथला मंडेर में वीरवार को दहेज की मांग कर रहे पूर्व सैनिक प्रताप सिंह ने अपनी बहू तरणजीत कौर पर बारह बोर की बंदूक से फायर कर दिए। तरणजीत को दो गोलियां लगीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात में गोलियों के छर्रे तरणजीत कौर की गोद में खेल रहे डेढ़ साल के मासूम बच्चे गुरशरण सिंह को भी लग गए। उसे घायल हालत में मालेरकोटला के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
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मृतका की मां परमजीत कौर ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को दहेज की वजह से मारा गया है। उनके दामाद सुरजीत सिंह हैं और दहेज में कार की मांग कर रहे थे। गांववासी दलजीत सिंह ने रोष व्यक्त करते बताया कि अगर संबंधित पुलिस चौकी के अधिकारी वक्त रहते चुनाव आयोग की पालना करते हुए प्रताप सिंह की राइफल जमा करा लेते तो शायद यह हादसा नहीं होता।
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आरोपी ने किया था खुदकुशी का प्रयास
आरोपी प्रताप सिंह ने अपनी पुत्रवधु को गोलियां मारने के बाद कोई विषाक्त पदार्थ खाकर खुदकुशी का प्रयास किया। गंभीर हालत में उसे पुलिस ने मालेरकोटला के सरकारी अस्पताल में दाखिल करवाया है। वहां से उसे राजिंदरा अस्पताल पटियाला रेफर कर दिया गया।
मामले की निष्पक्ष जांच होगी : पुलिस
लाइसेंसी असलहा जमा करवाने में असफल जोड़े पुल पुलिस चौकी के आरोपों में घिरने के बाद मंडी अहमदगढ़ के थाना प्रमुख तरुणजीत सिंह ने कहा कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जा रही है। समय पर असलहा जमा नहीं होने के लिए जिम्मेवार लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
नहीं जमा करवाया था असलहा
देशभर में चुनाव आचार संहिता को सख्ती से लागू करने के दावे भले ही चुनाव आयोग द्वारा किए जा रहे हों, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि पंजाब में अब भी बड़ी संख्या में लाइसेंसी हथियारों का खुलेआम प्रयोग हो रहा है। उन्हें रोक पाने में पुलिस अथवा सिविल प्रशासन नाकाम साबित हुआ है। इसका एक उदाहरण मालेरकोटला के साथ सटे गांव भुरथला मंडेर में एक पूर्व सैनिक द्वारा अपनी लाइसेंसी राइफल से अपनी पुत्रवधू को गोली मार देने का है।
नियमानुसार आदर्श चुनाव आचार संहिता के लागू होने के बाद लाइसेंसी असलहा बिना देरी संबंधित पुलिस थानों अथवा केंद्रों में जमा करवाना होता है।