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बालद कलां के दलितों के समर्थन में आए बाजवा
अमर उजाला, संगरूर
Updated Wed, 02 Jul 2014 10:35 PM IST
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जिले के गांव बालद कलां की पंचायती जमीन की बोली दौरान दलितों पर लाठीचार्ज करने और मामले दर्ज करके उन्हें जेल में बंद करने के रोष स्वरूप गांव के दलित समुदाय की तरफ से लगाए धरने में पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा सहित अन्य कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पहुंचे।
इस दौरान बाजवा जेल में बंद लोगों के परिजनों से भी मिलने पहुंचे और उनके आंदोलन में कांग्रेस की तरफ से पूर्ण समर्थन देने का भरोसा दिलाया। बाजवा ने कहा कि गांव बालद कलां के दलित वर्ग के लोग अपनी आरक्षित पंचायती जमीन खुद लेने के लिए आंदोलन कर रहे हैं और वे पंचायत द्वारा नीलामी के लिए तय रेट के अधिक होने का तर्क देकर इसे कम दरों में करवाने की मांग कर रहे हैं।
बोली के दौरान अपने हक की लड़ाई लड़ रहे दलितों को इंसाफ मिलने की बजाए लाठियां खानी पड़ीं, जो सरासर अन्याय व धक्केशाही है। पुलिस ने दलित समुदाय के 41 आंदोलनकारियों को जेल में बंद कर दिया, जो निंदनीय है। लाठीचार्ज में कई महिलाएं भी जख्मी हो गईं, जिनमें एक तो 80 साल की बुजुर्ग महिला थी। उसे बिना उचित इलाज मुहैया करवाने के अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। वह महिला आज के धरने में शामिल थीं।
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बाजवा ने मांग की दलितों के खिलाफ दर्ज केस तुरंत वापस लिए जाएं, गांव में रखी उनकी आरक्षित 478 बीघा जमीन की नीलामी के लिए रिजर्व कीमत कम करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस दलितों के साथ चट्टान की तरह खड़ी है प्रत्येक स्तर पर उनके हक में जोरदार आवाज उठाएगी।
उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर दलित इस सरकार की नीतियों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं और कांग्रेस इन मुद्दों को राज्य स्तर पर उठाएगी। उन्होंने मांग की है कि प्रत्येक गांव में दलितों के लिए आरक्षित पंचायती जमीन की पारदर्शी तरीके से और वाजिब रेटों पर नीलामी की जाए, जैसे की कानून के मुताबिक एक तिहाई जमीन अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में नीलामी बेनामी थी और ऐसी गतिविधियों को रोका जाना चाहिए। वह संगरूर पुलिस द्वारा गिर तार किए गए बलद कलां गांव के 41 दलितों को मिलने के लिए संगरूर जेल भी गए।
इस मौके पर दलित नेता जालंधर से सांसद चौधरी संतोख सिंह, संगरूर के पूर्व सांसद विजयइंद्र सिंगला, पूर्व विधायक सुरिंदरपाल सीबिया, जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष माई रूप कौर बागड़िया, जिला कांग्रेस कमेटी बरनाला के अध्यक्ष परमजीत सिंह मान और प्रदेश कांग्रेस सचिव राजिंदर राजा भी मौजूद थे।
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इस दौरान बाजवा जेल में बंद लोगों के परिजनों से भी मिलने पहुंचे और उनके आंदोलन में कांग्रेस की तरफ से पूर्ण समर्थन देने का भरोसा दिलाया। बाजवा ने कहा कि गांव बालद कलां के दलित वर्ग के लोग अपनी आरक्षित पंचायती जमीन खुद लेने के लिए आंदोलन कर रहे हैं और वे पंचायत द्वारा नीलामी के लिए तय रेट के अधिक होने का तर्क देकर इसे कम दरों में करवाने की मांग कर रहे हैं।
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बोली के दौरान अपने हक की लड़ाई लड़ रहे दलितों को इंसाफ मिलने की बजाए लाठियां खानी पड़ीं, जो सरासर अन्याय व धक्केशाही है। पुलिस ने दलित समुदाय के 41 आंदोलनकारियों को जेल में बंद कर दिया, जो निंदनीय है। लाठीचार्ज में कई महिलाएं भी जख्मी हो गईं, जिनमें एक तो 80 साल की बुजुर्ग महिला थी। उसे बिना उचित इलाज मुहैया करवाने के अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। वह महिला आज के धरने में शामिल थीं।
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बाजवा ने मांग की दलितों के खिलाफ दर्ज केस तुरंत वापस लिए जाएं, गांव में रखी उनकी आरक्षित 478 बीघा जमीन की नीलामी के लिए रिजर्व कीमत कम करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस दलितों के साथ चट्टान की तरह खड़ी है प्रत्येक स्तर पर उनके हक में जोरदार आवाज उठाएगी।
उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर दलित इस सरकार की नीतियों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं और कांग्रेस इन मुद्दों को राज्य स्तर पर उठाएगी। उन्होंने मांग की है कि प्रत्येक गांव में दलितों के लिए आरक्षित पंचायती जमीन की पारदर्शी तरीके से और वाजिब रेटों पर नीलामी की जाए, जैसे की कानून के मुताबिक एक तिहाई जमीन अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में नीलामी बेनामी थी और ऐसी गतिविधियों को रोका जाना चाहिए। वह संगरूर पुलिस द्वारा गिर तार किए गए बलद कलां गांव के 41 दलितों को मिलने के लिए संगरूर जेल भी गए।
इस मौके पर दलित नेता जालंधर से सांसद चौधरी संतोख सिंह, संगरूर के पूर्व सांसद विजयइंद्र सिंगला, पूर्व विधायक सुरिंदरपाल सीबिया, जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष माई रूप कौर बागड़िया, जिला कांग्रेस कमेटी बरनाला के अध्यक्ष परमजीत सिंह मान और प्रदेश कांग्रेस सचिव राजिंदर राजा भी मौजूद थे।