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पंजाब सरकार की वाहवाही करने वाली किताब पर रोक
अमर उजाला, फिरोजपुर/अबोहर
Updated Thu, 10 Apr 2014 09:55 PM IST
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पंजाब सरकार द्वारा लोगों को दी जाने वाली सुविधाओं का बखान करने वाली आठवीं कक्षा की एसएस विषय की पुस्तक पर पंजाब स्कूल एजूकेशन बोर्ड के प्रिंसिपल सचिव अंजलि भार्गव ने रोक लगा दी है। पब्लिशिंग हाउस से करीब 30 हजार छपने के बाद ये किताबें अधिकतर स्कूलों में बांटी जा चुकी हैं।
जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग ने इस बार आठवीं की अंग्रेजी और एसएस की किताब का सिलेबस बदला है। इसी के चलते इसमें पंजाब सरकार द्वारा जनता को दी जाने वाली सुविधाओं का भी बखान किया गया है। इसमें शगुन, पेंशन तथा माई मागो स्कीम के तहत सरकारी स्कूलों में लड़कियों को दी जाने वाली साइकिलों की योजना का गुणगान किया गया। इसके अलावा मुफ्त शिक्षा और नन्ही छांव का भी जिक्र किया गया है।
वर्ष 2014-15 के शैक्षणिक सत्र के लिए प्रकाशित की गई इस पुस्तक के इन अध्यायों के बारे में जब स्कूल एजूकेशन के प्रिंसिपल सचिव को पता चला तो उन्होंने इस पर रोक लगा दी।
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बुक डिपो मैनेजर बलजिंदर सिंह ने बताया कि उनके पास भेजे गए आर्डरों के अनुसार ही वे स्कूलों में किताबें भेज रहे हैं। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने करीब 30 हजार किताबें प्रकाशित कर स्कूलों में वितरित की हैं। इसके अलावा बुक सेंटरों पर भी ये किताबें बिक रही हैं।
वापस मंगवाएं किताबें : प्रिंसिपल सचिव
इस बारे में प्रिंसिपल सचिव अंजलि भार्गव ने कहा कि जिन स्कूलों में ये किताबें भेजी गई हैं उन्हें वापस मंगवा लिया जाएगा।
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जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग ने इस बार आठवीं की अंग्रेजी और एसएस की किताब का सिलेबस बदला है। इसी के चलते इसमें पंजाब सरकार द्वारा जनता को दी जाने वाली सुविधाओं का भी बखान किया गया है। इसमें शगुन, पेंशन तथा माई मागो स्कीम के तहत सरकारी स्कूलों में लड़कियों को दी जाने वाली साइकिलों की योजना का गुणगान किया गया। इसके अलावा मुफ्त शिक्षा और नन्ही छांव का भी जिक्र किया गया है।
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वर्ष 2014-15 के शैक्षणिक सत्र के लिए प्रकाशित की गई इस पुस्तक के इन अध्यायों के बारे में जब स्कूल एजूकेशन के प्रिंसिपल सचिव को पता चला तो उन्होंने इस पर रोक लगा दी।
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बुक डिपो मैनेजर बलजिंदर सिंह ने बताया कि उनके पास भेजे गए आर्डरों के अनुसार ही वे स्कूलों में किताबें भेज रहे हैं। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने करीब 30 हजार किताबें प्रकाशित कर स्कूलों में वितरित की हैं। इसके अलावा बुक सेंटरों पर भी ये किताबें बिक रही हैं।
वापस मंगवाएं किताबें : प्रिंसिपल सचिव
इस बारे में प्रिंसिपल सचिव अंजलि भार्गव ने कहा कि जिन स्कूलों में ये किताबें भेजी गई हैं उन्हें वापस मंगवा लिया जाएगा।