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आदर्श स्कूलों के अध्यापकों का प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदकोट
Updated Wed, 09 Dec 2015 02:30 PM IST
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मांगों को लेकर संघर्षशील आदर्श स्कूलों के टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ सदस्यों ने मंगलवार को शहर में राज्य सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान जिला फरीदकोट के अलावा मोगा, बठिंडा व फिरोजपुर जिलों से आए प्रदर्शनकारी आदर्श स्कूल कर्मियों ने भाई घन्हैया चौक अपनी अपनी डिग्रियों की फोटो कापी फूंक कर गुस्से का इजहार किया।
रोष प्रदर्शन से पहले शहीद भगत सिंह पार्क में आयोजित रैली के दौरान आदर्श स्कूल अध्यापक यूनियन के नेताओं अमनदीप सिंह मिठूमान, सिमरन सिंह, पवन कुमार फिरोजपुर, सुखदीप कौर मोगा, राजिंदर कौर, रमनदीप कौर बघेल सिंह, विक्रम सिंह बठिंडा, देव, नीरज कुमार पक्का, सरबजीत कौर, गुरप्रीत कौर, बसंत प्रताप आदि ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में निजी संस्थानों की भागेदारी स्कीम के तहत आदर्श स्कूलों की स्थापना करवाई थी, लेकिन इन स्कूलों में अध्यापकों का आर्थिक व मानसिक रूप से शोषण किया जा रहा है।
पिछले चार साल से वह काफी कम वेतन पर काम कर रहे है। वेतन न बढ़ने और तबादले के संदर्भ में कोई नीति न होने के कारण भी वे दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। समय समय पर संघर्ष के बावजूद सरकार उनकी मांगों की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही जिसके चलते अब उन्होंने आर पार की लड़ाई शुरू करने का मन बना लिया है।
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रैली के दौरान आदर्श स्कूलों के स्टाफ की सेवाएं स्थायी करने और पूरा ग्रेड प्रदान करने, उनके तबादले को लेकर नीति तैयार करने और स्कूलों की अधूरी इमारतों का निर्माण पूरा करवाते हुए उन्हें अपग्रेड करने की मांगें रखी गई।
साथ ही सरकार को चेतावनी दी गई कि यदि इन मांगों को जल्द ही पूरा न किया गया तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा। रोष प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारी अध्यापकों ने डिप्टी कमिश्नर मालविंदर सिंह जग्गी को मांग पत्र भी सौंपा।
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रोष प्रदर्शन से पहले शहीद भगत सिंह पार्क में आयोजित रैली के दौरान आदर्श स्कूल अध्यापक यूनियन के नेताओं अमनदीप सिंह मिठूमान, सिमरन सिंह, पवन कुमार फिरोजपुर, सुखदीप कौर मोगा, राजिंदर कौर, रमनदीप कौर बघेल सिंह, विक्रम सिंह बठिंडा, देव, नीरज कुमार पक्का, सरबजीत कौर, गुरप्रीत कौर, बसंत प्रताप आदि ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में निजी संस्थानों की भागेदारी स्कीम के तहत आदर्श स्कूलों की स्थापना करवाई थी, लेकिन इन स्कूलों में अध्यापकों का आर्थिक व मानसिक रूप से शोषण किया जा रहा है।
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पिछले चार साल से वह काफी कम वेतन पर काम कर रहे है। वेतन न बढ़ने और तबादले के संदर्भ में कोई नीति न होने के कारण भी वे दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। समय समय पर संघर्ष के बावजूद सरकार उनकी मांगों की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही जिसके चलते अब उन्होंने आर पार की लड़ाई शुरू करने का मन बना लिया है।
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रैली के दौरान आदर्श स्कूलों के स्टाफ की सेवाएं स्थायी करने और पूरा ग्रेड प्रदान करने, उनके तबादले को लेकर नीति तैयार करने और स्कूलों की अधूरी इमारतों का निर्माण पूरा करवाते हुए उन्हें अपग्रेड करने की मांगें रखी गई।
साथ ही सरकार को चेतावनी दी गई कि यदि इन मांगों को जल्द ही पूरा न किया गया तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा। रोष प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारी अध्यापकों ने डिप्टी कमिश्नर मालविंदर सिंह जग्गी को मांग पत्र भी सौंपा।