{"_id":"892ffbfd93de4b3dd8d7c2f312d98b4a","slug":"guilty-of-kidnapping-and-rape-to-ten-years-imprisonment","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपहरण और दुराचार के दोषी को दस वर्ष कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपहरण और दुराचार के दोषी को दस वर्ष कैद
अमर उजाला, फरीदकोट
Updated Wed, 13 Nov 2013 10:53 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला व सेशन जज अर्चना पुरी की अदालत ने बुधवार को नाबालिग के अपहरण व दुराचार के मामले में एक दोषी को 10 वर्ष की कैद और 75 सौ रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
दोषी मुक्तसर के गांव दोदा निवासी कुलविंदर सिंह के खिलाफ थाना सादिक पुलिस ने 9 अक्तूबर 2012 को मामला दर्ज किया था।
पुलिस को दिए बयान में पीड़ित पिता ने आरोप लगाया था कि उनके रिश्तेदार कुलविंदर सिंह का घर में आना जाना था और वह उसकी साढ़े 14 वर्षीय बेटी पर बुरी नजर रखता था। शादीशुदा होने के बावजूद आरोपी ने उसकी बेटी से शादी करने का प्रस्ताव भी रखा था और उनके इंकार करने पर वह उसकी बेटी का अपहरण करके ले गया। घटना के कुछ दिनों बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करते हुए लड़की बरामद कर ली थी।
इस केस में जिला अदालत ने कुलविंदर सिंह को दोषी करार देते हुए आईपीसी की धारा 363 (अपहरण) में पांच वर्ष और आईपीसी की धारा 376 (दुराचार) में 10 वर्ष की कैद की सजा सुनाई। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
दोषी मुक्तसर के गांव दोदा निवासी कुलविंदर सिंह के खिलाफ थाना सादिक पुलिस ने 9 अक्तूबर 2012 को मामला दर्ज किया था।
पुलिस को दिए बयान में पीड़ित पिता ने आरोप लगाया था कि उनके रिश्तेदार कुलविंदर सिंह का घर में आना जाना था और वह उसकी साढ़े 14 वर्षीय बेटी पर बुरी नजर रखता था। शादीशुदा होने के बावजूद आरोपी ने उसकी बेटी से शादी करने का प्रस्ताव भी रखा था और उनके इंकार करने पर वह उसकी बेटी का अपहरण करके ले गया। घटना के कुछ दिनों बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करते हुए लड़की बरामद कर ली थी।
विज्ञापन
इस केस में जिला अदालत ने कुलविंदर सिंह को दोषी करार देते हुए आईपीसी की धारा 363 (अपहरण) में पांच वर्ष और आईपीसी की धारा 376 (दुराचार) में 10 वर्ष की कैद की सजा सुनाई। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।
विज्ञापन