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बच्ची का शव सड़क पर बैठे अध्यापक
अमर उजाला, बठिंडा
Updated Fri, 07 Feb 2014 10:31 PM IST
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14 महीने की रूथ की लाश को बस अड्डे के बाहर चौक में फ्रीजर में रखकर एआईई और ईजीएस यूनियन ने वर्षा व ठिठुरन भरे मौसम के बावजूद अपना धरना दूसरे दिन शुक्रवार को भी जारी रखा और सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर बरसे। वहां लोगों ने रूथ की फोटो पर फूल चढ़ा कर उसे श्रद्धांजलि दी।
कांग्रेस के प्रदेश प्रधान प्रताप सिंह बाजवा, सीपीआई की राज्य कमेटी के सदस्य जगजीत सिंह जोगा, भाकियू के जिला प्रधान सिंगारा सिंह मान, पंथक सेवा दल के प्रधान बलजीत सिंह दादूवाल, लोक सेवा दल के महासचिव जगमेल सिंह, पीआटीसी कर्मचारी यूनियन (आजाद) सहित स्थानीय फड़ी यूनियन, टैक्सी स्टैंड व लोगों ने पीड़ित परिवार के साथ हमदर्दी जताई। उन्होंने उनके संघर्ष मे हर संभव सहायता देने का ऐलान किया। स्थानीय लोगों, हाथ रेहड़ी फड़ी यूनियन व टैक्सी यूनियन ने प्रदर्शनकारियों के लिए चाय, खान-पान आदि का इंतजाम किया।
इस मौके मृतक रूथ को शहीद करार देते हुए कांग्रेस के राज्य प्रधान प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि जिला प्रशासन इतना सब होने के बावजूद संघर्षशील अध्यापकों के प्रति असहयोग का रैवया अपनाया हुआ है।
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संसद में उठाएंगे मुद्दा : बाजवा
बाजवा ने प्रदर्शनकारी अध्यापकों को बताया कि वे मामले को सोमवार को संसद में उठाएंगे। उन्होंने सघर्षशील अध्यापकों को आश्वासन दिया कि उनके डेलीगेट उनके पास सोमवार को दिल्ली आएं और वे उन्हें मानव संसाधन मंत्रालय से जो संभव सहायता बनी करवाएंगे। जगमीत सिंह बराड़ ने प्रशासन के रवैये की आलोचना की। बरजीत सिंह दादूवाल ने कहा की रूथ की कुर्बानी को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। इस मौके पर पहुंची बाकी सभी राजनीति पार्टियों और यूनियनों ने अध्यापकों के इस संघर्ष में हरसंभव सहायता का आश्वास दिया।
जिला प्रशासन के साथ कई मीटिंग होने के बावजूद बातचीत अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। सरकार पीड़ित परिवार को मुआवजा व मृतक के पिता को नौकरी देने को तो तैयार है, लेकिन एआईई व ईजीएस यूनियन के अध्यापकों को नौकरी देने के संबधी नोटिफिकेशन जारी करने को आठ फरवरी की होने वाली पैनल मीटिंग में लिए फैसले के बाद ही जारी करने को कहने के चलते प्रशासन के साथ बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंची पाई है। संघर्षशील अध्यापक भी नोटिफिकेशन की मांग पर अड़े हैं व संघर्ष को नतीजे तक ले जाने को कोई भी राह को अपनाने को तैयार हैं। खबर लिखे जाने तक धरना जारी है।
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कांग्रेस के प्रदेश प्रधान प्रताप सिंह बाजवा, सीपीआई की राज्य कमेटी के सदस्य जगजीत सिंह जोगा, भाकियू के जिला प्रधान सिंगारा सिंह मान, पंथक सेवा दल के प्रधान बलजीत सिंह दादूवाल, लोक सेवा दल के महासचिव जगमेल सिंह, पीआटीसी कर्मचारी यूनियन (आजाद) सहित स्थानीय फड़ी यूनियन, टैक्सी स्टैंड व लोगों ने पीड़ित परिवार के साथ हमदर्दी जताई। उन्होंने उनके संघर्ष मे हर संभव सहायता देने का ऐलान किया। स्थानीय लोगों, हाथ रेहड़ी फड़ी यूनियन व टैक्सी यूनियन ने प्रदर्शनकारियों के लिए चाय, खान-पान आदि का इंतजाम किया।
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इस मौके मृतक रूथ को शहीद करार देते हुए कांग्रेस के राज्य प्रधान प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि जिला प्रशासन इतना सब होने के बावजूद संघर्षशील अध्यापकों के प्रति असहयोग का रैवया अपनाया हुआ है।
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संसद में उठाएंगे मुद्दा : बाजवा
बाजवा ने प्रदर्शनकारी अध्यापकों को बताया कि वे मामले को सोमवार को संसद में उठाएंगे। उन्होंने सघर्षशील अध्यापकों को आश्वासन दिया कि उनके डेलीगेट उनके पास सोमवार को दिल्ली आएं और वे उन्हें मानव संसाधन मंत्रालय से जो संभव सहायता बनी करवाएंगे। जगमीत सिंह बराड़ ने प्रशासन के रवैये की आलोचना की। बरजीत सिंह दादूवाल ने कहा की रूथ की कुर्बानी को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। इस मौके पर पहुंची बाकी सभी राजनीति पार्टियों और यूनियनों ने अध्यापकों के इस संघर्ष में हरसंभव सहायता का आश्वास दिया।
जिला प्रशासन के साथ कई मीटिंग होने के बावजूद बातचीत अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। सरकार पीड़ित परिवार को मुआवजा व मृतक के पिता को नौकरी देने को तो तैयार है, लेकिन एआईई व ईजीएस यूनियन के अध्यापकों को नौकरी देने के संबधी नोटिफिकेशन जारी करने को आठ फरवरी की होने वाली पैनल मीटिंग में लिए फैसले के बाद ही जारी करने को कहने के चलते प्रशासन के साथ बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंची पाई है। संघर्षशील अध्यापक भी नोटिफिकेशन की मांग पर अड़े हैं व संघर्ष को नतीजे तक ले जाने को कोई भी राह को अपनाने को तैयार हैं। खबर लिखे जाने तक धरना जारी है।