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लोगों के विरोध से खाली हाथ लौटे मार्केट कमेटी के सदस्य
ब्यूरो/अमर उजाला, मानसा
Updated Thu, 24 Dec 2015 05:25 PM IST
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पुरानी अनाज मंडी में मार्केट कमेटी दफ्तर के पास एक पीपल के पेड़ के नीचे डेरा जमाए बैठे टैक्सी स्टैंड यूनियन और लेबर यूनियन की ओर से चबूतरा बनाया गया है।
मार्केट कमेटी के सचिव, चेयरमैन, उप चेयरमैन और पुलिस अधिकारी वीरवार को इसे ढहाने के लिए पहुंचे। वहीं अनाज मंडी में मौजूद लोगों के विरोध को देखते हुए फिर उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।
आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान मुनीश बब्बी दानेवालिया, रमेश टोनी, नरेश बिरला और लाला राम ने कहा कि इस जगह पर गंदगी के ढेर लगते थे, जिसको इन लोगों ने साफ करके बैठने योग्य बनाया है।
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अब मार्केट कमेटी इसको उठवाने के लिए आ गई है जो कि उनके अनुसार धक्केशाही है। इसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा। शहर में कई जगहों पर अतिक्रमण किए हुए हैं, जिन्हें हटाया जाए तो अधिक बेहतर होगा।
उन्होंने कहा कि मार्केट कमेटी इन पुरानी मंडियों में न तो कोई सफाई का प्रबंध करती है और न ही लाइट का प्रबंध है। इस वजह से चोरियों का भय भी बना रहता है।
बार-बार अधिकारियों के ध्यान में लाने के बावजूद पुरानी मंडी कह कर टाल दिया जाता है। हालांकि अपनी मालकियत समझते हुए इस चबूतरे को हटाने के लिए तो अधिकारी पहुंच गए, लेकिन समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
मार्केट कमेटी के सचिव मनमोहन सिंह, चेयरमैन रछपाल सिंह बहणीवाल और वाइस चेयरमैन मक्खन ने कहा कि मार्केट को यह अंदेशा था कि जो इस जगह पर चबूतरा बनाया गया हैं, वहां पर मूर्ति लगाई गई है।
इसको देखते हुए लगता था कि इस जगह पर आगे जाकर इस मंदिर निर्माण ही न हो जाए। इस दौरान परवीन कुमार, विनोद कुमार, मक्खन दानेवालिया, अशोक दानेवालिया, भूषण कुमार, राम कुमार और सुखदेव सिंह मौजूद थे।
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मार्केट कमेटी के सचिव, चेयरमैन, उप चेयरमैन और पुलिस अधिकारी वीरवार को इसे ढहाने के लिए पहुंचे। वहीं अनाज मंडी में मौजूद लोगों के विरोध को देखते हुए फिर उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।
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आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान मुनीश बब्बी दानेवालिया, रमेश टोनी, नरेश बिरला और लाला राम ने कहा कि इस जगह पर गंदगी के ढेर लगते थे, जिसको इन लोगों ने साफ करके बैठने योग्य बनाया है।
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अब मार्केट कमेटी इसको उठवाने के लिए आ गई है जो कि उनके अनुसार धक्केशाही है। इसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा। शहर में कई जगहों पर अतिक्रमण किए हुए हैं, जिन्हें हटाया जाए तो अधिक बेहतर होगा।
उन्होंने कहा कि मार्केट कमेटी इन पुरानी मंडियों में न तो कोई सफाई का प्रबंध करती है और न ही लाइट का प्रबंध है। इस वजह से चोरियों का भय भी बना रहता है।
बार-बार अधिकारियों के ध्यान में लाने के बावजूद पुरानी मंडी कह कर टाल दिया जाता है। हालांकि अपनी मालकियत समझते हुए इस चबूतरे को हटाने के लिए तो अधिकारी पहुंच गए, लेकिन समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
मार्केट कमेटी के सचिव मनमोहन सिंह, चेयरमैन रछपाल सिंह बहणीवाल और वाइस चेयरमैन मक्खन ने कहा कि मार्केट को यह अंदेशा था कि जो इस जगह पर चबूतरा बनाया गया हैं, वहां पर मूर्ति लगाई गई है।
इसको देखते हुए लगता था कि इस जगह पर आगे जाकर इस मंदिर निर्माण ही न हो जाए। इस दौरान परवीन कुमार, विनोद कुमार, मक्खन दानेवालिया, अशोक दानेवालिया, भूषण कुमार, राम कुमार और सुखदेव सिंह मौजूद थे।