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छात्रा को अदालत में पेश करने के आदेश
Bathinda
Updated Tue, 20 Nov 2012 12:00 PM IST
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फरीदकोट। सीजेएम कोर्ट ने छात्रा अपहरण कांड में अभिभावकों की एक याचिका को स्वीकार करते हुए 21 नवंबर को छात्रा को अदालत में पेश करने के आदेश जारी किए हैं। उसी दिन छात्रा से संबंधित उसके पिता और पुलिस की अन्य तीन याचिकाओं पर फैसला होने की संभावना है।
सीजेएम कोर्ट से छात्रा के माता पिता ने एक याचिका के माध्यम से जालंधर के नारी निकेतन में रखी अपनी नाबालिग बेटी को एक बार फिर अदालत में बुलाकर उसकी इच्छा जानने का आग्रह किया था। इस याचिका समेत छात्रा का गर्भ गिराने की इजाजत देने और उसे परिवार के हवाले करने की मांग से संबंधित उसके पिता की दो याचिकाओं पर सोमवार को सुनवाई की गई। इन याचिकाओं पर दोनों पक्षों की बहस के बाद अदालत ने 21 नवंबर बुधवार को छात्रा को अदालत में पेश करने के आदेश दिए। उस दिन अदालत में पीड़ित छात्रा का बयान दर्ज करके उसकी इच्छा जानी जाएगी कि वह अपने परिवार के पास वापस आना चाहती है या नहीं। अदालत में सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने कहा कि छात्रा को उसकी इच्छा पर ही अदालत के आदेश पर नारी निकेतन जालंधर में रखा गया है और यदि वह अपने परिवार के पास आने पर सहमति देती है और सरकार को कोई ऐतराज नहीं होगा। अदालत ने पुलिस की तरफ से छात्रा के स्वास्थ्य को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई भी 21 नवंबर तक के लिए टाल दी है।
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सीजेएम कोर्ट से छात्रा के माता पिता ने एक याचिका के माध्यम से जालंधर के नारी निकेतन में रखी अपनी नाबालिग बेटी को एक बार फिर अदालत में बुलाकर उसकी इच्छा जानने का आग्रह किया था। इस याचिका समेत छात्रा का गर्भ गिराने की इजाजत देने और उसे परिवार के हवाले करने की मांग से संबंधित उसके पिता की दो याचिकाओं पर सोमवार को सुनवाई की गई। इन याचिकाओं पर दोनों पक्षों की बहस के बाद अदालत ने 21 नवंबर बुधवार को छात्रा को अदालत में पेश करने के आदेश दिए। उस दिन अदालत में पीड़ित छात्रा का बयान दर्ज करके उसकी इच्छा जानी जाएगी कि वह अपने परिवार के पास वापस आना चाहती है या नहीं। अदालत में सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने कहा कि छात्रा को उसकी इच्छा पर ही अदालत के आदेश पर नारी निकेतन जालंधर में रखा गया है और यदि वह अपने परिवार के पास आने पर सहमति देती है और सरकार को कोई ऐतराज नहीं होगा। अदालत ने पुलिस की तरफ से छात्रा के स्वास्थ्य को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई भी 21 नवंबर तक के लिए टाल दी है।
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