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सेक्सुअल बिहेवियर पर बुरा असर नहीं डालती पोर्नोग्राफी
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Fri, 03 May 2013 10:55 AM IST
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आमतौर पर ये कहा जाता है कि पोर्न फिल्में या पोर्न सामग्री लोगों के सेक्सुअल बिहेवियर पर बुरा असर डालती है या उनकी सोच को विकृत करती है। मगर यह सच नहीं है। ‘जरनल ऑफ सेक्सुअल मेडीसन’ में प्रकाशित स्टडी से पता लगता है कि पोर्नोग्राफी देखने वालों की सेक्स लाइफ आम तौर पर नार्मल होती है।
इस स्टडी का मकसद दरअसल यह पता लगाना था कि वास्तविक जीवन में पोर्न देखने वाले वाइल्ड सेक्स को कितनी प्राथमिकता देते हैं। टाइम डॉट कॉम के मुताबिक पोर्न बेशक लोगों के सेक्सुअल बिहेवियर को प्रभावित करता है मगर यह पूरी तस्वीर का सिर्फ एक पहलू है। केवल पोर्न देखने से ही सेक्सुअल बिहेवियर पूरी तरह प्रभावित नहीं होता।
अध्ययनकर्ताओं ने इस रिसर्च के दौरान एक ऑनलाइन सर्वे किया जिसमें तकरीबन 15 से 25 साल के 4,600 युवक और युवतियां शामिल हुए। इनमें से 90 फीसदी ऐसे युवा और तकरीबन 50 फीसदी के आसपास ऐसी युवितयां थीं जिन्होंने पिछले एक साल में पोर्न सामग्री देखी थी।
हफपोस्ट में प्रकाशित खबर में इस शोध को सकारात्मक बताते हुए 'स्वीटहार्ट वीडियो एंड एविल एंजेल' की परफॉमर दाना वेस्पोली ने कहा कि इस स्टडी से पोर्न सोसाइटी को लेकर लोगों की सोच का पता चल रहा है। वे कहती हैं कि पोर्नोग्राफी देखने का सेक्सुअल बिहेवियर पर बिल्कुल फर्क नहीं पड़ता ये तो व्यक्ति का खुद का व्यवहार होता है।
दाना कहती हैं कि ये बिल्कुल इसी तरह से है जैसे आप सीरियल किलर की फिल्म देखकर किलर नहीं बनते वैसे ही पोर्नोग्राफी देखकर आपको बिहेवियर वाइल्ड नहीं हो सकता।
वहीं एक्ट्रेस पीना हार्टली भी वेस्पोली का समर्थन करते हुए कहती हैं कि, एडल्ट एंटरटेनमेंट व्यस्क युवाओं के लिए उनके सोशल बिहेवियर का केवल एक जरिया हो सकता है लेकिन उनकी लाइफ के लिए ये पॉजिटिव ही है।
वहीं पोर्न इंडस्ट्री से जुड़ी लेक्सी लव के मुताबिक, पोर्न को हमेशा डर्टी सीक्रेट की तरह लिया जाता है। इतना ही नहीं लेक्सी कहती हैं कि हर कोई पोर्नोग्राफी केवल सेक्सुअल एग्रेशन या फिर रिलेशनशिप में समस्या होने के कारण ही नहीं देखता।
वे आगे कहती हैं, "पोर्नोग्राफी से सेक्सुअल बिहेवयर को समझने, चीजों को एक्सप्लोर करने में भी मदद मिलती है। इससे सेक्सुअल लाइफ अधिक बेहतर होती है। पार्टनर के सामने सेक्स को लेकर झिझक खत्म होती है।" उन्होंने कहा, "इस स्टडी से ये साबित होता है कि पोर्नोग्राफी से सेक्स संबंधी जिज्ञासाएं शांत होती हैं ना कि ये सोच को विकत करता है।"
पिछले दो सालों से पोर्न इंडस्ट्री से जुड़ी ऐले हेज कहती हैं, "ये देखकर अच्छा लग रहा है कि लोग पोर्न सोसाइटी को लेकर पॉजिटिव तरीके से सोचने लगे हैं। वे ये भी कहती हैं कि मैं नहीं चाहती कि पोर्न के जरिए लोग प्रभावित हो, बल्कि लोग इसके बारे में अधिक से अधिक जानकर आत्मविश्वास के साथ अपने सेक्सुअल अनुभव को बढ़ाएं।"