बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Avihskar: Who were they who gave the remote control in our hands?
आविष्कार

आविष्कार: वो कौन थे जिन्होंने हमारे हाथ में रिमोट कंट्रोल दे दिया?

22 March 2023

Play
3:49
आजकल रिमोट कंट्रोल हर जगह है। टीवी रिमोट कंट्रोल से चलते हैं, एयरकंडिशनर का रिमोट कंट्रोल होता है, कार की रिमोट कंट्रोल-चाबी है, अब तो राजनीति भी रिमोट कंट्रोल से संचालित है, यानी रिमोट कंट्रोल ने हमारी जिंदगी बदल दी है।  

आविष्कार: वो कौन थे जिन्होंने हमारे हाथ में रिमोट कंट्रोल दे दिया?

1.0x
  • 1.5x
  • 1.25x
  • 1.0x
10
10
X

सभी 71 एपिसोड

जब सेफ्टी पिन पहली बार बनाया गया तो इसे ड्रेस पिन कहा जाता था. हालांकि, बाद में जब इसका सही रूप सबके सामने आया तब इसे सेफ्टी पिन कहा जाने लगा.

वैज्ञानिकों के अनुसार मानवों ने आज से 40,000 साल पहले ही सुई की खोज कर ली थी, और क्योंकि सुई की खोज पहले ही कर ली थी तो सुंदर लिबास उसके बाद ही सिले गए होंगे। 
 

आप हर दिन अपने बाथरूम का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन क्या आपने कभी प्लंबिंग और प्लंबिंग हार्डवेयर की उत्पत्ति के बारे में सोचा है? आपको ये जानकर आश्चर्य हो सकता है कि प्लंबिंग का बहुत लंबा और दिलचस्प इतिहास है। 
 

चीन को 3000 ईसा पूर्व के आसपास मधुमक्खियों के मोम, अंडे की सफेदी, जिलेटिन और फूलों की पंखुड़ियों से निकाले गए रंगों के मिश्रण का उपयोग करके पहली बार नेल पॉलिश बनाने का श्रेय दिया जाता है।
 

भारत में रेडियो प्रसारण की शुरुआत 1920 के दशक में शुरू हो गया था और उसके बाद रेडियो पर पहला कार्यक्रम 1923 में मुंबई के रेडियो क्लब से शुरू किया गया था। 
 

कुछ इतिहासकारों का मानना है कि किसी भी रूप में क्रिकेट के बल्ले का पहला उल्लेख 1624 में किया गया था। इसका मूल डिजाइन काफी हद तक हॉकी स्टिक जैसा था। 
 

बेशक आज पॉपकॉर्न दुनियाभर बड़े चाव से खाए जा रहे हो, लेकिन आपको यह बात जानकार हैरानी होगी कि करीब 4000 साल पहले पॉपकॉर्न को खाया नहीं जाता था।
 

रेफ्रिजरेटर के साथ, वाशिंग मशीन दुनिया भर के घरों में पाया जाने वाला सबसे आम घरेलू उपकरण है। वॉशिंग मशीन का इतिहास सबसे पुरानी सभ्यताओं में वापस जाता है, क्योंकि लोगों ने अपने कपड़े धोने के सर्वोत्तम तरीकों को खोजने की कोशिश की।
 

भारत में तो बिस्कुट का एक समृद्ध इतिहास रहा है। शुरुआती खाद्य पदार्थ जिन्हें हम “बिस्कुट” कह सकते हैं, वह नवपाषाण युग में पत्थरों पर पकाए गए थे। 
 

गोंद का उपयोग दो सतहों को आपस में बांधने के लिए किया जाता है। चीजों को एक साथ जोड़ने के विभिन्न तरीकों पर गोंद के कई फायदे हैं, जैसे सिलाई, थर्मल बॉन्डिंग, या यांत्रिक बन्धन।

एप में पढ़ें

Followed