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नवीन निश्चल
सुन सिनेमा

नवीन निश्चल के घमंड ने डुबा दिया था करियर, अदाकारी के लिए मिला था गोल्ड मेडल

2 October 2021

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5:39
हिंदी सिनेमा में चढ़ते सूरज को सलाम करने और डूबते सूरज से किनारा कर लेने वालों के किस्से जब सुनाए जाते हैं, तो उनमें अभिनेता नवीन निश्चल का नाम खासतौर से लिया जाता है। एक जमाना था जब नवीन निश्चल ने फिल्म परवाना में अमिताभ बच्चन के साथ एक फ्रेम में खड़े होने से इंकार कर दिया था, फिर गुरबत के ऐसे दिन भी आए जब काम पाने के लिए उन्होंने उन्हीं अमिताभ बच्चन की मदद ली और फिल्म देशप्रेमी में उनके साथी कलाकार के तौर पर कम किया।

नवीन निश्चल के घमंड ने डुबा दिया था करियर, अदाकारी के लिए मिला था गोल्ड मेडल

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आज बात करेंगे मधुबाला की...क्या आप जानते हैं कि हिंदी सिनेमा की सबसे खूबसूरत अभिनेत्री मानी जाने वाली मधुबाला को भी फिल्म पाने के लिए स्क्रीन टेस्ट देना पड़ा था... यह बात सोच कर भी ताज्जुब होता है। मधुबाला ने बाल कलाकार के रूप में कैरियर शुरू किया था और जब वह हीरोइन बनने को तैयार हुईं तो हर कोई उनका मुरीद नहीं था। वह मात्र 16 साल की थीं और निर्देशक कमाल अमरोही की उन पर नजर पड़ी। कमाल उन दिनों इंडस्ट्री में लेखक के तौर पर स्थापित थे और निर्देशक के रूप में अपनी पहली फिल्म 'महल' (1949) बनाने की तैयारी कर रहे थे।

 इंडस्ट्री में आने से पहले मैक मोहन अपने स्टाइल और कपड़ों को लेकर खूब मशहूर थे। लोग अक्सर उन्हें 'कड़क राम' कहते थे क्योंकि उनके कपड़ों की क्रीज कभी नहीं टूटती थी...उन्हें अच्छी तरह से इस्त्री किया जाता था और पूरी तरह से फिट होते थे। उनका स्टाइल सेंस स्क्रीन पर भी झलकता था और उनकी फिल्मों में उनके लुक्स में उनका बहुत बड़ा योगदान था।

फिल्म नाम से पहले संजय दत्त ने अपने पांच साल के करियर में अधिकांश फ्लॉप फिल्में की थीं, उनके हिस्से में सिर्फ रॉकी और विधाता हिट फिल्में थीं, नाम ने उन्हें एक नायक के तौर पर फिर बॉलीवुड में खड़ा कर दिया...
 

दोस्तों आज हम बात करेंगे बॉलीवुड के मशहूर विलेन रहे केएन सिंह के बारे में...जी हां..वही केएन सिंह जिनके बदन पर ओवर कोट,मुंह में पाइप और सिर पर हैट लगी होती थी...

आपने सदाबहार अभिनेता और अभिनेत्रियों के बारे में तो सुना होगा लेकिन हम आज बात करेंगे सदाबहार खलनायक की..एक ऐसा खलनायक जिसने परदे पर सबसे ज्यादा बार नारद मुनि का किरदार निभाया...जिसकी संवाद अदायगी से ही एक अलग तरह की मक्कारी झलकती थी...जी हां, हम बात कर रहे हैं हिंदी सिनेमा के मशहूर खलनायकों में शुमार रहे जीवन की...छरहरी काया, लंबे कद और डायलॉग बोलने के अपने खास अंदाज से जीवन ने हिंदी सिनेमा में ऐसी छाप छोड़ी कि नई पीढ़ी के कलाकार उनकी नकल करते नजर आते हैं...उनकी जुबान से निकलने वाले डायलॉग उनके चेहरे के हावभाव से होकर जब गुजरते थे तो देखने वाले सिर्फ नफरत की नजर से देखते थे...और यही वो कलाकारी थी जो उनके अभिनय की एक अलग पहचान बन गई।

चलिए जमाते हैं सुन सिनेमा की महफिल और आज महफिल की रौनक है फिल्म मैंने प्यार किया...जी हां...वही मैंने प्यार किया जिससे सलमान खान ने बतौर हीरो अपना फिल्मी सफर शुरू किया और ये सफर आज तक जारी है...आज आपको बताएंगे कि सलमान खान को किस लड़की ने मैंने प्यार किया दिलवाई...सलमान से पहले किसे-किसे प्रेम का रोल ऑफर किया गया था और भाग्यश्री की जगह कौन उनका रोल करने वाला था....

फिल्मों में जितनी जरूरत हीरो की होती है उतनी ही जरूरत एक खलनायक की भी होती है। खलनायक को हराकर ही हीरो बनता है। वैसे तो हिंदी फिल्मों में कई विलेन रहे हैं लेकिन आज हम बात करेंगे उस विलेन की जिसने कभी फिल्मों के बारे में नहीं सोचा था। उसका मकसद तो नौकरी करना था जबकि उसके परिवार के लोग फिल्मों से जुड़े थे। पहले ये कलाकार नायक बना और जब सफलता नहीं मिली तो खलनायक बनकर शोहरत पा ली। इस एक्टर का नाम है अनवर हुसैन।
 

राजकुमार का किरदार पहले धर्मेंद्र को ऑफर किया गया था. लेकिन वो एक बड़े भाई की भूमिका नहीं निभाना चाहते थे। यह भूमिका बाद में राज कुमार के पास चली गई...

दोस्तों वो दौर ही अलग था जब अभिनेत्रियों ने अपने यादगार किरदारों से हिंदी सिनेमा में एक अलग जगह बनाई...आज की अभिनेत्रियां कब आती हैं और कब चली जाती हैं पता नहीं चलता...आज हम जिस अभिनेत्री की बात करने जा रहे हैं उनके चाहने वाले आज भी हैं...उनकी फिल्में आज भी पसंद की जाती हैं...हम बात कर रहे हैं नंदा की....नंदा अपने दौर की बेहद खूबसूरत और लाजवाब अदाकारा थीं।

दोस्तों आज बात होगी अपने जमाने की मशहूर अभिनेत्री शशिकला की...शशिकला का नाम सुनते ही आपकी नजरों के सामने एक बुरी औरत की तस्वीर आ जाती होगी जो फिल्मों में वैम्प का किरदार अदा करती थी...लेकिन क्या आप जानते हैं कि शशिकला परदे पर जैसी दिखती थीं, वैसी थीं नहीं...असल जिंदगी में वो बेहद सौम्य, मृदुभाषी और रहमदिल थीं...वो खुद कहती थीं कि मुझे पता नहीं मैंने कैसे दुष्ट औरत के रोल कर लिए...उन्होंने करीब 100 बॉलीवुड फिल्मों में काम किया।

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