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कच्चे तेल की मांग से बसते-वीरान होते शहर
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 23 Jul 2016 03:03 PM IST
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कच्चे तेल की मांग से बसते-वीरान होते शहर
- फोटो : BBC
आज कल कच्चे तेल के दाम में भारी गिरावट देखी जा रही है। दुनिया पर छाई आर्थिक मंदी और कच्चे तेल के बढ़ते उत्पादन के चलते कच्चे तेल की क़ीमतें तीन सालों के सबसे कम स्तर पर हैं। पिछली एक सदी से ज़्यादा वक़्त से कच्चे तेल की मांग दुनिया की आर्थिक तरक़्क़ी की गवाही देती रही है। मगर आपको ये जानकर हैरानी होगी कि दुनिया में कच्चे तेल की मांग में उतार-चढ़ाव के साथ ही शहर बसते और वीरान होते रहे हैं। आज कई देशों में ऐसे शहर मिल जाएंगे जो तेल की खोज से आबाद हुए और उसकी मांग कम होने पर वीरान हो गए। अमेरिका की नॉर्थ डकोटा यूनिवर्सिटी के इतिहासकार विलियम काराहर कहते हैं कि तेल के घाव पूरी दुनिया के जिस्म पर देखे जा सकते हैं।
कच्चे तेल की मांग से बसते-वीरान होते शहर
कच्चे तेल की मांग से बसते-वीरान होते शहर
- फोटो : BBC
अमेरिका का कैलिफ़ोर्निया राज्य तेल के उत्पादन वाले इलाक़ों के लिए जाना जाता है। मेंट्रीविल आज की तारीख़ में पूरी तरह वीरान हो चुका है। हालांकि इस इलाक़े को कई टीवी सीरियल्स और फ़िल्मों के सीन शूट करने के लिए इस्तेमाल किया गया, जैसे एक्स फ़ाइल्स, द ए टीम और मर्डर। बीसवीं सदी के तीस के दशक में ही ये शहर वीरान होने की तरफ़ बढ़ चला था। कहते हैं कि यहां के बाशिंदे जब शहर छोड़कर जाने लगे तो अपने मकान तोड़कर उसका सामान भी अपने साथ लेते गए थे। क्योंकि उनके पास इतने पैसे भी नहीं बचे थे कि वो कहीं और जाकर अपना घर बना सकें। आज मेंट्रीविल के क़रीब के शहर बेकर्सफ़ील्ड का भी यही हाल है क्योंकि 1930 के दशक की तरह आज फिर से तेल की मांग कम हो गई है। बेरोज़गारी बढ़ गई है। ऐसे में तेल के कारोबार पर निर्भर शहरों को तो वीरान होना ही है।
कच्चे तेल की मांग से बसते-वीरान होते शहर
टेक्सास राज्य अपने तेल के भंडारों के लिए जाना जाता
- फोटो : BBC
अमेरिका का टेक्सास राज्य अपने तेल के भंडारों के लिए जाना जाता है। तेल की खोज के साथ ही यहां कई नए शहर बसे थे। इनमें से ज़्यादातर अस्थाई बस्तियां थीं। ऐसा ही एक शहर था ओर्ला, जहां अच्छी ख़ासी तादाद में लोग बसते थे। यहां रहने वाली एक महिला सैंडी कंट्रीमैन ने हाल के दिनों में शहर की कुछ पुरानी तस्वीरें ऑनलाइन पोस्ट की हैं। इससे मालूम होता है कि कभी ये शहर कितना गुलज़ार हुआ करता था। लेकिन अब शहर के मकान ख़ाली पड़े हैं। चर्च में पानी रिस रहा है। दरवाज़े यूं ही खुले पड़े हैं। जंगली जानवरों का राज हो गया है।
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कच्चे तेल की मांग से बसते-वीरान होते शहर
अमेरिका के ओक्लाहोमा राज्य में ऐसे कई शहर
- फोटो : BBC
बरबैंक, ओक्लाहोमा-अमेरिका के ओक्लाहोमा राज्य में ऐसे कई शहर हैं, जो कभी गुलज़ार हुआ करते थे। मगर आज उजड़ गए हैं। ऐसा ही एक शहर था बरबैंक। पिछली सदी के बीस के दशक में यहां की आबादी तीन हज़ार के आस-पास थी। मगर दस साल के भीतर ही अमेरिका पर आर्थिक मंदी छा गई। तेल की मांग घटी तो बरबैंक शहर से लोग दूसरे इलाक़ों में जाने लगे। आज यहां सिर्फ़ खंडहर दिखाई देते हैं। आस-पास और भी ऐसी ही वीरान बस्तियों के नमूने आपको देखने को मिल जाएंगे। इनमें थ्री सैंड्स और व्हिज़बैंग प्रमुख हैं।
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कच्चे तेल की मांग से बसते-वीरान होते शहर
साल भर के भीतर ही मंदी की मार का असर यहां दिखने लगा
- फोटो : BBC
विलिस्टन, नॉर्थ डकोटा-अभी चार साल पहले की ही बात है, तेल के कारोबार से विलिस्टन शहर चमक रहा था। लोगों के पास ख़ूब पैसे थे। ज़िंदगी में रौनक थी। आबादी इतनी तेज़ी से बढ़ रही थी कि लोगों के रहने के लिए नए मकान बनाने पड़े। पास ही स्थित बैकेन इलाक़े से बड़ी मात्रा में तेल मिला था। लेकिन, साल भर के भीतर ही मंदी की मार का असर यहां दिखने लगा। पिछले तीन सालों से तेल की डिमांड है ही नहीं। इसलिए यहां का तेल उद्योग अचानक ही लापता सा हो गया है। लोगों के पास जब काम नहीं बचा, तो, वो ये शहर छोड़कर जाने लगे। आज यहां के नए बने मकान में बेघर लोगों ने बसेरा डाल रखा है।