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मोदी के बनारस में कुछ ऐसे तैयार की जा रही विहिप की महिला ब्रिगेड

Mon, 30 May 2016 06:37 PM IST
रोशन जायसवाल/बीबीसी संवादाता
रोशन जायसवाल/बीबीसी संवादाता Updated Mon, 30 May 2016 06:37 PM IST
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In Banaras women 's train by arms
women 's - फोटो : BBC

विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में महिलाओं को हथियारबंद ट्रेनिंग दे रहा है। अयोध्या में वीएचपी के ट्रेनिंग कैम्प के वीडियो सामने आने के बाद काफी विवाद हुआ था। वीएचपी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ा संगठन है।

'दुर्गावाहिनी' और 'मातृशक्ति' की हथियारबंद ट्रेनिंग जारी है

In Banaras women 's train by arms
women 's - फोटो : BBC

पिछले कुछ दिनों से बनारस में वीएचपी की महिला इकाई 'दुर्गावाहिनी' और 'मातृशक्ति' की हथियारबंद ट्रेनिंग जारी है, बताया जा रहा है कि आतंकियों से निबटने की तैयारी के तहत ये ट्रेनिंग दी जा रही है।
वाराणसी के वीएचपी कार्यालय के करीब भारतीय शिक्षा मंदिर नामक स्कूल में कुछ दिनों से चल रहे ट्रेनिंग कैम्प में 11 ज़िलों की 100 लड़कियाँ और महिलाएं शामिल है।

इस ट्रेनिंग का मकसद लड़कियों और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और आतंकवादियों से लोहा लेना है

In Banaras women 's train by arms
women 's - फोटो : BBC

ट्रेनिंग कैम्प की अधिकारी कमला मिश्रा ने बताया कि "इस ट्रेनिंग का मकसद लड़कियों और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और आतंकवादियों से लोहा लेना है। उन्होंने बताया महिलाओं को ये ट्रेनिंग इसलिए भी दी जा रही है। क्योंकि आतंकी महिलाओं के हाथो नहीं मरना चाहते है। आतंकी मानते है कि महिला के हाथों मरने के बाद उन्हें जन्नत नही मिलेगी और वो भाग जाते है।

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ये ट्रेनिंग घरवालों की अनुमति से ले रही है

In Banaras women 's train by arms
women 's - फोटो : BBC

ट्रेनिंग के लिए पेशेवर ट्रेनर लगाए गए है। ट्रेनिंग लेने के लिए कुंडा कस्बे से आई रूपाली बताती है। कि इस ट्रेनिंग के जरिए वे आत्मरक्षा के साथ आतंकी से भी निपट सकती है।

एयर गन चलाने की ट्रेनिंग ले रही। वही उसके साथ ट्रेनिंग ले रही मोनी कहती है कि वो ये ट्रेनिंग घरवालों की अनुमति से ले रही है। ताकि इसके बाद वो अपने गाँव पहुँचकर और भी लडकीयों को सिखा सकें।

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आज का जो समय चल रहा है। उसके मुताबिक लाठी कराटे और राइफल चलाना आना चाहिए

In Banaras women 's train by arms
women 's - फोटो : BBC

कौशांबी जिले से आई सुषमा सोनकर ने कहा कि आज का जो समय चल रहा है। उसके मुताबिक लाठी कराटे और राइफल चलाना आना चाहिए। वहीं अधेड़ उम्र की बनारस की प्रतिज्ञा देवी ने बताया कि वो ये ट्रेनिंग आत्मनिर्भर होने के लिए ले रही है। शिविर में ट्रेनर रिचा वर्मा ने बताया कि ऐसा नही है। 

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