पोप फ्रांसिस के निधन के बाद पूरी दुनिया में शोक की लहर है। पोप फ्रांसिस जेसुइट ऑर्डर से पहले पोप थे। वे 8वीं शताब्दी के बाद से यूरोप के बाहर से पहले पोप थे। अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में जॉर्ज मारियो बर्गोग्लियो के रूप में जन्मे पोप फ्रांसिस 1969 में कैथोलिक पादरी नियुक्त किया गया था। 28 फरवरी, 2013 को पोप बेनेडिक्ट XVI के इस्तीफे के बाद 13 मार्च को एक पोप सम्मेलन ने कार्डिनल बर्गोग्लियो को उनका उत्तराधिकारी चुना। उन्होंने सेंट फ्रांसिस ऑफ असीसी के सम्मान में फ्रांसिस को अपना पोप नाम चुना। अब आधिकारिक शोक की 14 दिन की अवधि होगी, जिसके बाद कार्डिनल मसीह के नए विकर का चुनाव करने के लिए सम्मेलन में जाएंगे।
Pope Francis: पोप फ्रांसिस के निधन के बाद अब क्या होगा, कब-कैसे चुना जाएगा उनका उत्तराधिकारी; कौन-कौन दावेदार?
पोप फ्रांसिस हमारे बीच नहीं रहे। सोमवार 21 अप्रैल, 2025 को 88 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। उन्होंने वेटिकन के कासा सांता मार्टा स्थित अपने निवास पर सुबह 7.30 बजे (स्थानीय समयानुसार) अंतिम सांस ली। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। बीते दिन ईस्टर के अवसर पर लंबे समय के बाद वे लोगों के सामने आए थे।
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पोप फ्रांसिस क्यों खास थे?
फ्रांसिस के पोप का पद ग्रहण करने से पहले कई घटनाएं उनसे जुड़ी। वह अमेरिका या दक्षिणी गोलार्ध से आने वाले पहले पोप थे। सीरिया में जन्मे ग्रेगरी तृतीय की 741 में मृत्यु के बाद से रोम में कोई गैर-यूरोपीय बिशप नहीं था। वह सेंट पीटर के सिंहासन पर निर्वाचित होने वाले पहले जेसुइट भी थे। ऐतिहासिक तौर से रोम में जेसुइट्स को शक की नजर से देखा जाता था। उनके पूर्ववर्ती, बेनेडिक्ट 16 वें लगभग 600 वर्षों में स्वैच्छिक तौर से सेवानिवृत्त होने वाले पहले पोप थे। कैथोलिकों का मानना था कि नया पोप कोई युवा शख्स होगा, लेकिन अर्जेंटीना के कार्डिनल बर्गोग्लियो जब 2013 में पोप बने तो उनकी उम्र 70 से अधिक थी। उन्होंने खुद को एक समझौतावादी उम्मीदवार के तौर पर पेश किया था। यौन मामलों पर अपने विचारों से रूढ़िवादियों को आकर्षित किया तो सामाजिक न्याय पर अपने उदारवादी रुख से सुधारकों को लुभाया।
बतौर पोप क्या-क्या अलग किया?
चुनाव के वक्त से ही फ्रांसिस ने संकेत दे दिया था कि वे चीजों को अलग ढंग से करेंगे। उन्होंने कार्डिनल्स का स्वागत पोप के सिंहासन पर बैठने के बजाय खड़े होकर किया। वह शानो-शौकत और भव्यता के बजाय विनम्रता को तरजीह देने के लिए दृढ़ संकल्पित थे। उन्होंने पोप की लिमोजिन से दूरी बना ली और साझा बस पर जोर दिया।
नए पोप ने 1.2 अरब की आबादी वाले चर्च के लिए एक नैतिक मिशन तय किया। कैथोलिक चर्च के प्रमुख के तौर पर उनका आखिरी काम ईस्टर पर रविवार को सेंट पीटर्स स्क्वायर की बालकनी में मौजूद होना था। यहां उन्होंने कई हफ्ते तक अस्पताल में रहने के बाद श्रद्धालुओं का हाथ हिलाकर अभिवादन किया था।
पोप बनने से पहले कैसा था जीवन?
जॉर्ज मारियो बर्गोग्लियो नाम से वह 17 दिसंबर 1936 को अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में पैदा हुए। बचपन में गंभीर निमोनिया के बाद फेफड़ों के एक हिस्सा निकाल देने के कारण उन्हें जिंदगी भर संक्रमण का खतरा रहा। एक दशक बाद उन्हें दीक्षा दी गई। 1973 में अर्जेंटीना के प्रांतीय सुपीरियर बने। युवा बर्गोग्लियो ने रसायनज्ञ के तौर पर स्नातक होने से पहले नाइट क्लब बाउंसर और फर्श सफाई कर्मचारी के रूप में काम किया था। 1992 में ब्यूनस आयर्स के सहायक बिशप बने। फिर आर्कबिशप बने। पोप जॉन पॉल द्वितीय ने उन्हें 2001 में कार्डिनल बनाया और उन्होंने चर्च की सिविल सेवा, क्यूरिया में पद संभाला। वे वरिष्ठ पादरी के दिखावों से दूर रहे। वे आमतौर पर इकॉनमी क्लास में यात्रा करते थे और अपने नए पद के लाल और बैंगनी रंग के बजाय काला गाउन पहनना पसंद करते थे। अपने उपदेशों में, उन्होंने समाज के सबसे गरीब लोगों पर ध्यान देने में नाकाम सरकारों की आलोचना की।
अब आगे क्या होगा?
पोप की मृत्यु के साथ ही सदियों पुरानी रस्म शुरू हो जाती है, जिसमें कार्डिनल कॉलेज की तरफ से उत्तराधिकारी का चुनाव करने के लिए पवित्र शपथ लेना, मतपत्रों की गिनती के बाद उन्हें सुई और धागे से छेदना और फिर जलाकर सफेद या काला धुआं निकालना शामिल है, ताकि यह संकेत मिल सके कि दुनिया के 1.2 अरब कैथोलिकों के लिए कोई नया नेता चुन लिया गया है।
- पोप फ्रांसिस के निधन के बाद नौ दिन का शोक मनाया जाएगा। इस अवधि को नोवेन्डिएल कहा जाता है। इसके बाद नए पोप को चुनने की प्रक्रिया शुरू होगी। कुछ दिनों में दुनियाभर के कार्डिनल पापल कॉन्क्लेव के लिए रोम पहुंच जाएंगे।
- पोप का चयन कार्डिनल का प्रतिनिधिमंडल करेगा, जो कैथोलिक चर्च के सबसे वरिष्ठ पादरी होते हैं। कार्डिनल ही तय करेंगे कि कॉन्क्लेव कब शुरू होगा। आमतौर पर 15-20 दिनों में वेटिकन के सिस्टिन चैपल में नए पोप के चुनाव के लिए पॉपल कॉन्क्लेव शुरू होता है।