सऊदी अरब में रविवार (5 नवंबर) को 11 राजकुमारों को भ्रष्टाचार के मामलों में शामिल बताकर गिरफ्तार कर लिया गया था। इनमें से एक का नाम अलवालिद बिन तलल है जिन्हें अरब का वॉरेन वफेट (दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शामिल) भी कहा जाता है।
अलवालिद बिन सऊदी के शाही परिवार से ताल्लुक रखते है, उन्होंने किंगडम्स होल्डिंग कंपनी बनाई हुई है। जिसने वित्तीय सेवाओं, पर्यटन, मीडिया, मनोरंजन, खुदरा, कृषि, पेट्रोकेमिकल्स, विमानन, प्रौद्योगिकी और रीयल एस्टेट में निवेश किया हुआ है।
अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव से पहले अलवालिद बिन कि डोनाल्ड ट्रंप से बहस हो गई थी। अलवालिद बिन ने लिखा था कि ट्रंप को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार नहीं बनना चाहिए। इस पर ट्रंप ने भी जवाब दिया था। उन्होंने लिखा था कि अलवालिद बिन ऐसा इसलिए बोल रहे हैं क्योंकि उनके राष्ट्रपति बनने के बाद वह यूएस की राजनीति को कंट्रोल नहीं कर पाएंगे।
90 के दौर में दो बार ऐसे मौके आए जब ट्रंप की कंपनी घाटे में थी और अलवालिद बिन ने उनकी मदद की। एक बार उन्होंने ट्रंप की बहुत खास नाव को खरीदा था और दूसरी बार घाटे में चल रहे ट्रंप के बिजनेस की मदद करने के लिए अलवालिद बिन ने उनका पसंदीदा होटल खरीद लिया था।
ट्रंप के जीतने के बाद अलवालिद बिन ने उनको बधाई देते हुए ट्वीट भी किया था, माना जाता है कि अब दोनों की दोस्ती हो गई है।