तस्वीरों में कुमाऊं कमिश्नर का एक्शन: काला चश्मा पहन दीपक रावत ने मारा छापा, हड़कंप; मिनटों में गायब हुए दलाल
हल्द्वानी में आयुक्त दीपक रावत ने विवादों और शिकायतों को लेकर सुर्खियों में चल रहे फिटनेंस सेंटर में छापेमारी की। छापे में फिटनेस के नाम पर अवैध वसूली होने और दलालों के सक्रिय रहने समेत कई शिकायतें मिली।
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संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान को सीसीटीवी कैमरों की फुटेज तलब की
आयुक्त दीपक रावत ने छापे के दौरान सेंटर में स्टाफ के अलावा केवल वाहन स्वामी व फिटनेस कराने आने वाले वाहन चालकों को ही प्रवेश कराने, आवाजाही करने वाले संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान के लिए महीने भर की सीसीटीवी फुटेज भी तलब की। इस दौरान फिटनेस कराने पहुंचे वाहन स्वामियों ने आयुक्त को बताया कि कुछ संदिग्ध लोग यहां निर्धारित शुल्क से अधिक की वसूली करते हैं। केंद्र के कर्मचारियों की उनसे मिलीभगत है। बुकिंग काउंटर में धनराशि जमा कराने के बाद उनसे अतिरिक्त धनराशि की मांग की जाती है। इस पर आयुक्त ने फिटनेस सेंटर के मैनेजर अनुज को फटकार लगाई और कहा कि भविष्य में इस प्रकार का कृत्य मिला तो एफआईआर दर्ज होगी। ट्रांसपोर्टरों ने बताया गया कि धनराशि देने पर यहां वाहन बिना फिटनेस के ही पास हो जाते हैं।
फिलहाल कमिश्नर दीपक रावत की छापेमारी के बाद से सभी दलाल गायब हो गए हैं। कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने बदहाल व्यवस्था को देखते हुए वहां मौजूद वाहन चालकों से पूछताछ की तो पता चला कि यहां लंबे समय से ओवररेटिंग और दलाली का बोलबाला है।
इस पर आयुक्त ने आरटीओ संदीप सैनी को फिटनेस सेंटर की हर हफ्ते औचक चैकिंग करने को कहा। उन्होंने सेंटर में चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, कार्यालय के भ्रष्टाचार मुक्त होने संबंधी साईन बोर्ड लगाने, फिटनेस के एवज में लिए जाने वाले शुल्क को बोर्ड में अंकित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फिटनेस सेंटर का कोई भी कर्मचारी एजेंटों की दलाली में लिप्त मिला तो दोनों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज होगी। आयुक्त ने आरटीओ से कहा कि वह सीसीटीवी कैमरों के महीने भर का डाटा चैक करें और देखें कि कौन-कौन व्यक्ति लगातार फिटनेस सेंटर में आ रहा है और यहां किससे मिल रहा है। उन्होंने ऐसे लोगों और कर्मचारियों को कैंप कार्यालय में तलब कराने को कहा। आयुक्त ने फिटनेस चैकिंग सिस्टम को भी देखा।
फोटो स्टेट के अतिरिक्त धनराशि वापस दिलाई
लोगों ने आयुक्त को बताया कि फिटनेस सेंटर के समीप स्थित पैट्रोल पंप में फोटो स्टेट होती है। जहां एक पेज फोटो स्टेट कराने के दस रूपये लिए जाते हैं। यह सुन आयुक्त पैट्रोल पंप में जा धमके। उन्होंने फोटो स्टेट कराकर ले गए तीन लोगों की धनराशि वापस दिलाई। उन्होंने पैट्रोल पंप के कार्यालय में व्यावसायिक फोटो स्टेट सेंटर खोलने पर पूर्ति अधिकारी को जांच कर कार्यवाही के निर्देश दिए। साथ ही अग्नि शमन अधिकारी को भी अग्नि शमन यंत्रों की जांच करने को कहा।
रसीद दी 2400 की वसूल लिए 13000
कमिश्नर के छापे के दौरान सेंटर में मौजूद एक ओटो चालक ने बताया कि फिटनेस का शुल्क 1300 रूपये बन रहा था जबकि उससे 1700 रूपये लिए गए। एक वाहन स्वामी ने बताया कि उसे 2258 की रसीद दी गई जबकि फिटनेस के नाम पर सात हजार रूपये लिए गए। एक वाहन स्वामी ने आयुक्त को बताया कि उसे 2400 रूपये की रसीद दी गई लेकिन वसूली 13000 रूपये की गई।