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Dragon Fruit: सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने वर्क फ्रॉम होम के दौरान उगाए ड्रैगन फ्रूट, अब कमा रहे लाखों रुपये

Sat, 17 Sep 2022 09:11 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 17 Sep 2022 09:11 AM IST
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software engineer doing dragon fruit farming in Agra
ड्रैगन फ्रूट के खेत में प्रदीप चौधरी - फोटो : अमर उजाला

आगरा के अकोला के समीप नगला परमाल गांव में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने वर्क फ्रॉम होम के दौरान खेत में ड्रैगन फ्रूट के पेड़ लगाए। आज वह इसकी खेती से लाखों रुपये कमा रहे हैं। परमाल गांव के प्रदीप चौधरी सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। उन्होंने इंजीनियरिंग के साथ-साथ खेताबाड़ी में भी हाथ आजमाया। इसमें भी कामयाबी मिली। प्रदीप चौधरी ने बताया कि वह एक अमेरिकन कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। गुरुग्राम में कार्यरत थे। कोरोना संक्रमण के दौरान लॉकडाउन से ही वह वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समय मिला तो करीब डेढ़ साल पहले एक एकड़ में ड्रैगन फ्रूट के करीब 3200 पौधे लगाए। अब उन पौधों में फल आ रहे हैं। इन फलों को ऑनलाइन ऑर्डर पर गुरुग्राम, दिल्ली, नोएडा आदि स्थानों पर बेच रहे हैं। प्रदीप ने बताया कि ड्रैगन फ्रूट की खेती में करीब 20 लाख रुपये की लागत आई है। एक बार पौधा लगाने पर यह 20 वर्ष तक फल देता है। 

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : Amar Ujala Graphics

‘मन की बात’ से मिली प्रेरणा

प्रदीप चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को सुनने के बाद उन्हें ड्रैगन फ्रूट की खेती करने की प्रेरणा मिली। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने बताया थ कि गुजरात में बड़ी संख्या में लोग ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे हैं।  
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ड्रैगन फ्रूट - फोटो : अमर उजाला

संक्रमण से बचाने में मददगार

ड्रैगन फ्रूट में एंटी ऑक्सीडेंट व एंटी वायरल गुण पाए जाते हैं। जो संक्रमण से बचाने में मदद कर सकते हैं। प्रदीप चौधरी ने बताया कि कैंसर व डेंगू आदि के मरीज भी इस फल का सेवन करते हैं। 
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ड्रैगन फ्रूट के खेत में प्रदीप चौधरी - फोटो : अमर उजाला

इस तरह कर सकते हैं खेती

प्रदीप चौधरी ने बताया कि ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए मिट्टी की अच्छी तरह से जुताई कर लेना चाहिए। उसके बाद जमीन को समतल करके जैविक खाद डालना चाहिए। भुरभुरी मिट्टी में ड्रैगन फ्रूट के पेड़ से कलम को काटकर लगाया जाता है। 
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ड्रैगन फ्रूट - फोटो : अमर उजाला
पौधों को लगाने के लिए करीब 70 सेंटीमीटर गहरा व 60 सेंटीमीटर चौड़ा गड्ढा खोद लिया जाता है। कलम को लगाते समय मिट्टी डालने के बाद 100 ग्राम सुपर फास्फेट डालना चाहिए। इसके बगल सीमेंट के पोल लगाया जाता है। इस पर लता फैलती है। एक वर्ष में फल आना शुरू हो जाते हैं। अच्छी बात यह है कि इसमें कोई रोग नहीं लगता।
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