Phone Tapping: क्या होता है फोन टैपिंग? क्या सरकार के पास आपके फोन को टैप करने की अनुमति है, जानें क्या कहता है नियम?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोन टैपिंग क्या है?
फोन टैपिंग को वायर टैपिंग या लाइन बगिंग भी कहा जाता है। यदि कोई अन्य व्यक्ति बगैर इजाजत के किसी की बातचीत या वार्तालाप सुनता है या पढ़ता है तो उसे फोन टैपिंग कहते हैं। उदाहरण के तौर पर कहें तो अगर आप फोन पर किसी से बात कर रहे हैं और वार्तालाप में शामिल व्यक्तियों के अलावा कोई तीसरा व्यक्ति आप दोनों की बात को रिकॉर्ड करता है या पढ़ता है, तो इसे वायर टैपिंग कहा जाता है।
क्या फोन टैपिंग गैर कानूनी है?
भारत की बात की जाए तो ये हमारे देश में गैर कानूनी है। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि क्या सरकार के लिए ये करना गैर कानूनी है या नहीं? तो इसका जवाब है हां। आपके फोन कॉल्स को सरकार भी रिकॉर्ड नहीं कर सकती है। हालांकि सरकार को फोन टैप करने के विशेष अधिकार प्राप्त हैं। निश्चित प्रक्रिया के चलते सरकार एक विशेष परिस्थितियों में ही ऐसा कर सकती है।
आपको पता होना चाहिए कि यदि आपका फोन कोई टैप करता है तो इससे आपके एक अधिकार का उल्लंघन होता है। यह अधिकार है राइट टू प्राइवेसी यानी निजता का अधिकार। इसके तहत कोई भी व्यक्ति आपके निजी वार्तालाप को रिकॉर्ड नहीं कर सकता है। इंडियन टेलिग्राफ एक्ट सेक्शन 5(2) के तहत फोन टैपिंग का जिक्र किया गया है। इसको आप 1990 में हुए पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर फोन टैपिंग केस के उदाहरण से भी समझ सकते हैं। तब कोर्ट ने ये कहा था कि फोन टैंपिंग निजता के अधिकार का उल्लंघन है।
कब कर सकती है सरकार फोन टैपिंग?
इंडियन टेलीग्राफ एक्ट के मुताबिक सरकार को केवल कुछ ही परिस्थितियों में फोन टैप करने की इजाजत है। सेक्शन (1) और (2) के तहत पब्लिक इमरजेंसी या पब्लिक सेफ्टी के उद्देश्य से सरकार ऐसा कर सकती है। ऐसा करने के लिए सरकार को कई प्रकार की स्वीकृतियां लेनी पड़ती हैं। यदि किसी व्यक्ति के साथ ऐसा किया जाए तो उसे कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का पूरा हक है।