Aadhaar Card Update Limits: आज के समय में आधार कार्ड हमारे सबसे महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों में से एक बन चुका है। बैंक खाता खुलवाने से लेकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने तक, हर जगह इसकी जरूरत होती है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण नागरिकों को आधार में नाम, पता, मोबाइल नंबर और बायोमेट्रिक्स अपडेट करने की सुविधा तो देता है, लेकिन बहुत से लोग यह नहीं जानते कि आधार में हर चीज को बार-बार या हमेशा के लिए बदला नहीं जा सकता।
कुछ चीजें और नियम ऐसे हैं जिन्हें चाहकर भी बदला नहीं जा सकता है। आइए इस लेख में समझते हैं कि आधार कार्ड से जुड़े वे कौन से बारीक नियम हैं जो हर आम इंसान को पता होने चाहिए।
2 of 5
आधार कार्ड के मिसयूज से कैसे बचें?
- फोटो : Adobe Stock
आधार नंबर को कभी नहीं बदला जा सकता
आधार कार्ड जारी होने के बाद जो 12 अंकों की विशिष्ट पहचान संख्या आपको मिलती है, उसे जीवन में कभी भी बदला या बदला नहीं जा सकता है। भले ही आप अपना नाम, पता या जेंडर बदल लें, लेकिन आपका मूल नंबर हमेशा वही रहेगा। एक व्यक्ति को जीवन में केवल एक ही बार यह नंबर आवंटित किया जाता है, जो उसकी परमानेंट पहचान बन जाता है।
3 of 5
आधार कार्ड के मिसयूज से कैसे बचें?
- फोटो : Adobe Stock
उंगलियों के निशान और आईरिस स्कैन का मूल डेटा
जब आप आधार बनवाते हैं, तो आपकी उंगलियों के निशान और आंखों की पुतलियों का डेटा लिया जाता है। आप मशीन की खराबी या उम्र बढ़ने पर इन्हें 'अपडेट' जरूर करवा सकते हैं, लेकिन आप अपने बायोमेट्रिक्स को किसी दूसरे व्यक्ति के डेटा से बदल नहीं सकते। आपका जैविक डेटा यूआईडीएआई के मुख्य सर्वर में हमेशा के लिए फिक्स रहता है।
4 of 5
आधार कार्ड के मिसयूज से कैसे बचें?
- फोटो : Adobe Stock
नाम और जेंडर बदलने की तय सीमा
आधार कार्ड में आप अपना नाम जीवन में सिर्फ दो बार ही बदलवा सकते हैं। इसके अलावा, जेंडर (लिंग) में सुधार करने का मौका सिर्फ एक बार ही मिलता है। अगर आप इस सीमा को पार कर लेते हैं, तो सामान्य प्रक्रिया से इसमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकता। विशेष परिस्थितियों में इसके लिए यूआईडीएआई के क्षेत्रीय कार्यालय से विशेष अनुमति लेनी पड़ती है।
5 of 5
जन्मतिथि बदलने का कड़ा नियम
- फोटो : Adobe Stock
जन्मतिथि बदलने का कड़ा नियम
आधार कार्ड में अपनी जन्मतिथि को आप जीवन में सिर्फ एक ही बार सुधरवा सकते हैं। इसके लिए भी आपके पास सरकारी जन्म प्रमाण पत्र या वैलिड मार्कशीट जैसे पक्के दस्तावेज होने अनिवार्य हैं। अगर एक बार जन्मतिथि में सुधार हो चुका है, तो दोबारा किसी भी सामान्य आधार केंद्र पर जाकर इसे बदला नहीं जा सकता, इसलिए पहली बार में ही सही जानकारी दर्ज कराएं।