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अर्जुन अवॉर्ड न मिलने का था मलाल, अब सास की मदद से लिखी सफलता की कहानी

Tue, 07 Feb 2017 08:12 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला/ नई दिल्ली
टीम डिजिटल, अमर उजाला/ नई दिल्ली Updated Tue, 07 Feb 2017 08:12 PM IST
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Madhurika Patkar Credits Her In Laws To Encourage her To Win National Championship
मधुरिका पाटकर, शरत कमल - फोटो : SportsStar
हमने अकसर सुना होता है कि एक सफल पुरुष के पीछे एक महिला का हाथ होता है। मगर, जिंदगी में ऐसा बहुत कम दफा देखने को मिलता है कि किसी महिला की सफलता की कहानी एक पुरुष लिखे। हमारे समाज की यह विडंबना रही है कि हुनर के बावजूद, महिलाओं को प्रत्साहित करने बजाय हतोत्साहित किया जाता है।

अर्जुन अवॉर्ड न मिलने का था मलाल, अब सास की मदद से लिखी सफलता की कहानी

Madhurika Patkar Credits Her In Laws To Encourage her To Win National Championship
मधुरिका पाटकर
हालांकि, बदलते वक्त के साथ महिलाओं की सफलताओं के उदाहरण देखने को मिल रहे हैं। इसी क्रम में यदि किसी सफल महिला के पीछे उसके पति और सास हाथ हो, तो शायद सफलता की इस कहानी में चार चांद लग जाते हैं।

अर्जुन अवॉर्ड न मिलने का था मलाल, अब सास की मदद से लिखी सफलता की कहानी

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मधुरिका पाटकर
इसका सबसे ताजा उदाहरण है ठाणे की टेबल टेनिस खिलाड़ी मधुरिका पाटकर, जिन्होंने हाल ही में नेशनल चैंपियन बनकर अपना सपना पूरा किया है। सबसे खास बात यह है कि उन्होंने अपनी नई पारी की शुरुआत शादी के बाद की है।
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मधुरिका पाटकर
पति और सास के उत्साह बढ़ाने के बाद से 28 वर्षीय मधु ने अपने खेल का दामन एक बार फिर थामा और बड़े आसमान की ऊंचाईयों की तरफ पहला कदम बढ़ाया। 8 साल की उम्र से टीटी खेल रही मधु के लिए यह दूसरी पारी जैसा था।
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मधुरिका पाटकर
2010 में दिल्ली में राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीत चुकी मधुरिका पाटकर का नेशनल चैंपियन बनने का सपना अब जाकर पूरा हुआ है। मधु के लिए यह जीत इस लिए खास है क्योंकि बार उनका नाम अर्जुन अवॉर्ड के लिए भेजा, मगर उन्हें यह पुरुस्कार नहीं मिला।
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