18 अगस्त से एशियन गेम्स इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में शुरू होने जा रहे हैं। 2 सितंबर तक चलने वाले 18वें एशियाई खेलों के लिए भारत की तरफ से इस बार 543 एथलीट हिस्सा ले रहे हैं। चार साल के अंतराल में होने वाले एशियन गेम्स में देश को सभी होनहार खिलाड़ियों से पदक की उम्मीद है। एशियन गेम्स में 46 देश हिस्सा ले चुके हैं। इस बार कुल 45 देश हिस्सा ले रहे हैं। आइए जानते हैं कि इस बार कौन से दिग्गज खिलाड़ी पदक के सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।
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sushil kumar
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भारत के स्टार पहलवान सुशील कुमार ने लंदन ओलंपिक (2012) में रजत पदक और कॉमनवेल्थ खेलों में दो बार (2010 और 2014) गोल्ड मेडल जीता था। ऐसे में सुशील कुमार से एशियाड में उनके बेस्ट प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है। दो बार के ओलंपिक मेडल विजेता सुशील कुमार 74 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में मौजूदा कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन भी हैं। सुशील का एशियाई खेल में प्रदर्शन उम्दा नहीं रहा है, जिसमें वह इस बार जरूर सुधार करना चाहेंगे। सुशील ने 2006 एशियाई खेल में ब्रॉन्ज (कांस्य) मेडल जीता था।
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विकास कृष्णा
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भारतीय चुनौती का दारोमदार 26 वर्षीय अनुभवी मुक्केबाज विकास कृष्णा पर रहेगा। विकास ने 2010 में स्वर्ण पदक हासिल कर इतिहास रचा था। हालांकि तब वह लाइटवेट में खेलते थे। पर अब वह मिडिलवेट में खेलते हैं। 2014 में मनोज ने मीडिलवेट वर्ग में भी कांस्य पदक जीता था। हालांकि भारतीय दल को मनोज से एकबार फिर स्वर्ण पदक की अपेक्षा है।
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gaurav solanki
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गोल्ड कोस्ट 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में फ्लाइवेट वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाले गौरव सोलंकी पर भी सभी की निगाहें टिकी हैं। 21 वर्षीय गौरव को पदक का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।
देश के 41 वर्षीय शूटर मानवजीत के पास दो दशक का काफी अच्छा अनुभव है। अमृतसर में जन्मे मानवजीत ने 2006 में दोहा में आयोजित एशियाई गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था। मानवजीत ने 2006 में ही आईआईएसएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी गोल्ड पर कब्जा जमाया था।