भारतीय टीम शुक्रवार को एशियाई खेल में महिलाओं के कबड्डी फाइनल में ईरान के खिलाफ मुकाबला गंवा बैठी। जकार्ता के थिएटर गरुड़ा स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में ईरान के हाथों भारत को 24-27 की शिकस्त झेलनी पड़ी। भारतीय महिला कबड्डी टीम की शिकस्त के साथ ही पुरुष टीम के कप्तान अजय ठाकुर की आंखों से झरझर आंसू बहने लगे।
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कबड्डी
- फोटो : file photo
गौरतलब है कि गुरुवार को पुरुष टीम को भी ईरान के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में अजय ठाकुर महिला टीम में अपनी जीत देखने को बेताब थे। वह महिला कबड्डी टीम को कोर्ट में जमकर सपोर्ट भी करते नजर आए, लेकिन जैसे ही ईरान के हाथों हार के बाद भारत के हाथ से गोल्ड फिसला, अजय ठाकुर अपनी भावनाओं को काबू में न रख सके और मौके पर ही रोने लगे।
भारतीय टीम खराब और बेहद लचर अंपायरिंग का भी शिकार हुई। अंपायरों के गलत निर्णयों के कारण भारतीय टीम ने करीब 5 अंक गंवाए। हालांकि, भारतीय टीम को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। यह पहला मौका है जब भारतीय पुरुष और महिला दोनों में से कोई एक टीम एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने से चूकी हो।
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indian women kabaddi team
भारतीय महिला कबड्डी टीम ने सिल्वर मेडल जीता जबकि भारतीय पुरुष टीम को ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा। बता दें भारतीय पुरुष टीम ने पिछले 28 सालों में सिर्फ गोल्ड का ही स्वाद चखा था, लेकिन इस बार पुरुष टीम को ब्रॉन्ज मेडल से ही संतोष करना पड़ा।
कप्तान अजय ठाकुर भारत के असफल प्रयास से बिलकुल भी खुश नही हैं। वहीं भारतीय महिला कबड्डी टीम ने साल 2010 और 2014 में गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया था। मौजूदा एशियाई खेलों में भारतीय महिला टीम अजेय रहते हुए फाइनल में पहुंची थी। उसने अपने पहले मुकाबले में जापान के खिलाफ 43-12 के विशाल अंतर से जीत दर्ज की थी।