इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) में गोल करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने गौरव मुखी की उम्र 2015 से अब तक सिर्फ एक साल बढ़ी है। हैरानी हुई न, लेकिन यह सच है। तीन साल पहले गौरव मुखी ने झारखंड को अपने नेतृत्व में राष्ट्रीय युवा फुटबॉल का खिताब दिलाया था, तब उनकी उम्र 15 साल थी। स्ट्राइकर ने रविवार को आईएसएल में डेब्यू किया और जमशेदपुर की तरफ से बेंगलुरु के खिलाफ गोल भी किया। यह मैच 2-2 के स्कोर पर समाप्त हुआ।
लीग के आयोजक रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने मुखी को लीग में गोल करने वाला सबसे युवा खिलाड़ी करार दिया। उनके मुताबिक मुखी की उम्र 16 साल बताई गई। इस कहानी ने फुटबॉल जगत को अपने सिर पर जोर देने के लिए बाध्य कर दिया है। 2015 में मुखी को भारतीय फुटबॉल के भविष्य के रूप में देखा जा रहा था। उन्होंने राष्ट्रीय सब-जूनियर चैंपियनशिप के फाइनल में गोवा के खिलाफ झारखंड की खिताबी जीत में 5 गोल किए थे। झारखंड ने मुकाबला 8-3 से जीता था।
यह वो मौका था जब भारत 2017 अंडर-17 विश्व कप के लिए अपनी टीम तैयार कर रहा था। मुखी ने अपने प्रदर्शन से काफी प्रभावित किया था। अखिल भारतीय फुटबॉल संघ (एआईएफएफ) ने मुखी समेत चार खिलाड़ियों को गोवा में राष्ट्रीय एकेडमी में होने वाले अंडर-17 वर्ल्ड कप के चयन के लिए समन किया था। मैच देखने वाले एक अधिकारी के मुताबिक, मुखी ने अपनी उम्र से बेहतर परिपक्वता वाला खेल दर्शाया था।
फिर वही हुआ, जो सच्चाई थी। ट्रायल्स से कुछ समय पहले पांचों खिलाड़ियों ने 17 साल से अधिक उम्र होने का दावा किया, जिसने झारखंड को चैंपियन बनाया। एआईएफएफ ने झारखंड से खिताब छीना और मुखी समेत पांचों खिलाड़ियों को दो साल के लिए निलंबित किया। राज्य एसोसिएशन पर भी एक लाख रुपये का जुर्माना ठोका गया।
झारखंड फुटबॉल एसोसिएशन के सचिव गुलाम रब्बानी ने हैरानी नहीं जताई कि खिलाड़ियों की उम्र अधिक है। उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा, 'उन्होंने कई स्तर पर उम्र सत्यापन के टेस्ट पास किए। जब उन्हें राष्ट्रीय अंडर-17 टीम के चयन ट्रायल्स के लिए बुलाया गया, वहां वो टेस्ट में फेल हो गए। इससे जमीनी स्तर पर सिस्टम की खराबी दिखती है। फिलहाल हमारे पास उनके सही रिकॉर्ड्स नहीं हैं।'