नई उम्मीदों के उजियारे के साथ खेलों के सबसे बड़े महाकुंभ का रविवार को रंगबिरंगी रोशनी के साथ टोक्यो में समापन हो गया। चांदी की चमक के साथ खेलों की शुरुआत करने वाले भारतीय खिलाड़ियों ने स्वर्णिम आभा के साथ इनका अंत किया। पहली बार भारतीय खिलाड़ियों ने सात पदक जीतकर इन खेलों को यादगार बना दिया। मीराबाई ने पहले दिन ही चांदी से देश को रोशन कर दिया तो समापन से एक दिन पहले नीरज चोपड़ा के सोने से पूरा भारत चमक उठा। बेटियों ने ओलंपिक खेलों की अपनी 69वीं सालगिरह को यादगार बना डाला। पहली बार बेटियों ने किसी ओलंपिक में पदक की हैट्रिक लगाई। कुछ ने अपने चमत्कारिक खेल से भविष्य की नई उम्मीद जगाई। याद रहे भारतीय महिलाओं ने पहली बार 1952 हेलसिंकी में भाग लिया था और यह खेल भी जुलाई-अगस्त में ही हुए थे।
ऐतिहासिक: ओलंपिक में दिखी भारतीय महिला शक्ति, बेटियों ने पहली बार लगाई हैट्रिक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Rajeev Rai
Updated Mon, 09 Aug 2021 08:59 AM IST
सार
- भारतीय महिला खिलाड़ियों ने अपने शानदार खेल से ओलंपिक की अपनी 69वीं सालगिरह को बना दिया यादगार
- 45 फीसदी भागीदारी रही बेटियों की टोक्यो में भारत की ओर से जीते गए पदकों में
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