पूर्णिमा और अमावस्या यूं तो खगोलीय घटनाएं हैं, लेकिन ज्योतिषियों की नजर में पूर्णिमा के दिन मोहक दिखने वाला और अमावस्या पर रात में छुप जाने वाला चांद अनिष्टकारी होता है। ज्योतिषी मानते हैं कि हादसों और प्राकृतिक प्रकोप का भी अक्सर यही समय होता है। चांद के कारण समुद्र में उठने वाली लहरें इसी बात को पुष्ट करती हैं। हादसों के आंकड़े भी इस बात को काफी हद तक प्रमाणित करते हैं।
पूर्णिमा और अमावस्या के ही दिन क्यों होते है बड़े हादसे, जानें इसके पीछे का रहस्य
amarujala.com- Presented by : विनोद शुक्ला
Updated Sat, 03 Jun 2017 06:32 PM IST
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