महाभारत में विदुर जी ने युद्ध अवश्य नहीं लड़ा था लेकिन हस्तिनापुर में उनकी अहम भूमिका थी। ये धृतराष्ट्र और पांडु की तरह ही ऋषि वेदव्यास के पुत्र थे। इस नाते ये धृतराष्ट्र, पांडु के भाई और कौरवों, पांडवों के काका थे। लेकिन एक दासी के गर्भ से जन्म लेने के कारण ये राजा नहीं बन पाए। ये हस्तिनापुर के महामंत्री थे। विदुर जी अत्यंत कुशाग्र बुद्धि के धनी होने के साथ बहुत दूरदर्शी भी थे। ये आने वाली परेशानियों को पहले से ही भाप लेते थे। महाभारत युद्ध के दुष्परिणामों के बारे में भी विदुर जी ने पहले ही बता दिया था। महाराज धृतराष्ट्र महत्वपूर्ण विषयों पर इनसे चर्चा अवश्य करते थे। विदुर जी की बताई गई बातें विदुर नीति के रूप में उल्लेखित हैं। विदुर नीति में कुछ ऐसे कार्य बताए गए हैंं, जिन्हें करने से जातक अपने जीवन में सफलता और प्रसिद्धि प्राप्त कर सकता है। यदि जीवन में सफल और प्रसिद्ध होना चाहते हैं तो महात्मा विदुर द्वारा बताए गये इन कार्यों को आप भी जान लें।
विदुर नीति: यदि पाना चाहते हैं प्रसिद्धि तो इन बातों को रखें ध्यान
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shashi Shashi
Updated Fri, 11 Jun 2021 11:00 AM IST
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