देवउठनी एकादशी 31 अक्टूबर को है। शास्त्रों के अनुसार देवउठनी एकादशी के बाद ही सभी तरह के शुभ कार्य शुरू किये जाते हैं, लेकिन इस बार भगवान के जागने के 18 दिन बाद ही कोई शुभ कार्य किए जा सकता है। इसका कारण ग्रहों का चाल है। दरअसल देवशयनी एकादशी से देवउठनी एकादशी तक यानी चार महीने भगवान विष्णु शयनकाल की अवस्था में होते हैं और इस दौरान कोई शुभ कार्य नहीं किया जाता है।
शुभ कार्यों के लिए करना होगा इंतजार, विवाह के लिए मिलेंगे केवल 15 शुभ मुहूर्त
amarujala.com- Presented by: विनोद शुक्ला
Updated Tue, 31 Oct 2017 04:14 PM IST
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